LHC0088 • Yesterday 10:56 • views 23
शासन के निर्देश पर गर्मी और ठंड में वन विभाग कराता है गणना। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरक्षनगरी के ताल, पोखरे संरक्षित हो गए तो राजकीय पक्षी सारस की संख्या भी बढ़ने लगी है। शासन के निर्देश पर वर्ष 2021 में करायी गणना में इनकी संख्या महज 128 थी, लेकिन चार वर्ष में ही इनकी संख्या बढ़कर आठ गुणा से अधिक हो गई है। दिसंबर 2025 में वन विभाग द्वारा की गई गणना में इनकी संख्या 950 पाई गई है। इसमें 144 बच्चे और 806 व्यस्क शामिल हैं।
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2021 में जिले में कुल राजकीय पक्षियों की संख्या 128 थी। इनमें 112 व्यस्क और 16 बच्चे शामिल थे, लेकिन इसके बाद से इनका कुनबा बढ़ता ही गया। 2022 में यह संख्या बढ़कर 187 हो गई। इसमें 169 व्यस्क और 18 बच्चे शामिल थे।
इसके बाद वन विभाग ने जिले में स्थित छोटे-बड़े ताल, पोखरों को संरक्षित कराया। शिकारियों पर लगाम लगाया और सारस की देखभाल शुरू कर दी। इसका असर वर्ष 2023 में देखने को मिला। गणना में प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले सारसों की संख्या 426 पहुंच गई। इसमें 347 व्यस्क और 79 बच्चे शामिल थे। 2024 गर्मी के समय में हुई गणना में 675 सारस मिले थे। इसमें 576 व्यस्क और 99 बच्चे थे। ठंड में इनकी संख्या में और इजाफा हुआ।
गणना में कुल 834 सारस मिले, जिसमें 713 व्यस्क और 121 बच्चे शामिल थे। यह आंकड़ा वर्ष 2025 में और ज्यादा हो गया। गर्मी में हुई गणना में 879 तो ठंड के मौसम दिसंबर में इनकी संख्या 950 मिली है। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि सारस की संख्या बढ़ना पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल है। पिछले चार वर्षों से गोरखपुर वन प्रभाग क्षेत्र में इनका संरक्षण किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- नेपाल सीमा पर चौकसी के बावजूद तस्करों का नेटवर्क पड़ रहा भारी, महराजगंज से बहराइच फैला दायरा
इन्हें बेहतर भोजन और रहने के लिए अच्छा वातावरण गोरक्षनगरी में मिल रहा है। गोरखपुर में कुल 11 रेंज है। इनमें कुछ खास इलाके हैं, जो सारस के लिए उपयुक्त हैं। इन इलाकों में हर दिन सुबह और शाम सारस जोड़ों में दिखाई देते हैं। ऐसे स्थानों पर वन विभाग की टीम प्रतिदिन गश्त करती है। |
|