बेतिया में ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, बेतिया। कई दिनों के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को निकली धूप से लोगों को कुछ देर राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत क्षणिक साबित हुई। अगले ही दिन शुक्रवार को सूर्य फिर बादलों में छिप गए और ठंड ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ने वाला रूप दिखाना शुरू कर दिया। अचानक बढ़ी ठंड से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया। जिले में अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह के समय घना कुहासा और सर्द हवाओं के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम रही। हाईवे सहित शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को सतर्क होकर वाहन चलाना पड़ा। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवा के चलते लोग घरों में दुबके रहे।
मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार आने वाले दिनों में दोपहर में धूप निकलने से ठंड के असर में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन सुबह और शाम ठंड और तेज होगी। वहीं रात के तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है, जिससे शीतलहर का प्रभाव और बढ़ सकता है।
ओपीडी में घटे मरीज, आइपीडी का मेडिसिन वार्ड फुल
ठंड का असर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। अस्पताल प्रबंधक कुमार विशाल ने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में करीब 946 मरीजों का इलाज किया गया। एक सप्ताह पूर्व मौसम सामान्य रहने पर यह संख्या लगभग 1200 तक रहती थी। ठंड बढ़ने से ओपीडी में भले ही मरीजों की संख्या घटी हो, लेकिन आईपीडी का दबाव बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि मेडिसिन के मेल व फीमेल वार्ड पूरी तरह भरे हुए हैं। भर्ती मरीजों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। वर्ष 2025 में जीएमसीएच में पैरालिसिस के कुल 39 मरीजों का इलाज हुआ था। वर्तमान में शुक्रवार को फीमेल वार्ड में चार तथा आईसीयू में एक पैरालिसिस मरीज का इलाज चल रहा है, जबकि पुरुष वार्ड में फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है।
बाजारों में सन्नाटा, गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
ठंड का सबसे ज्यादा असर सुबह और शाम के समय देखने को मिला। सर्द हवाओं के चलते बाजारों में चहल-पहल कम रही। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों, ऊनी टोपी, दस्ताने, मफलर और हीटर की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा देखा गया। कुल मिलाकर, धूप की क्षणिक मौजूदगी के बाद ठंड ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की संभावना के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। |
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