तस्वीर तब की है जब सीबीआई ने आईआरएस अधिकारी अमित कुमार सिंघल को गिरफ्तार किया था।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। 25 लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) अधिकारी अमित कुमार सिंघल के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने सीबीआई को सिंघल के खिलाफ प्रासिक्यूशन सेंक्शन यानी अभियोजन की मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
सीबीआई ने सिंघल और बिचौलिए हर्ष कोटक को पिछले साल रिश्वत मांगने और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालांकि दोनों अभी जमानत पर हैं। इनके खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
आरोप हैं कि सिंघल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिचौलिए हर्ष कोटक के जरिए मशहूर फूड चेन ‘ला पिनो पिज्जा’ के मालिक सनम कपूर से रिश्वत की मांग की थी।
छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अमित कुमार सिंघल के दिल्ली और मोहाली के फेज-7 स्थित आवासों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी को करीब साढ़े तीन किलो सोना, दो किलो चांदी, एक करोड़ रुपये नकद और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे।
बिजनेस विवाद से शुरू हुआ मामला
सीबीआई को यह शिकायत कोपनहेगन हास्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और ‘ला पिनो पिज्जा’ फ्रेंचाइजी के मालिक सनम कपूर ने दी थी। कपूर के अनुसार, सिंघल ने मुंबई में उनके साथ एक फ्रेंचाइजी शुरू की थी।
उस समय सिंघल मुंबई कस्टम विभाग में जाॅइंट कमिश्नर के पद पर तैनात था और उसने यह बिजनेस अपनी मां व हर्ष कोटक के नाम पर किया था। बाद में समझौते के उल्लंघन के चलते कपूर ने साझेदारी तोड़ दी, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
आयकर नोटिस भेजकर किया ब्लैकमेल
शिकायत में बताया गया था कि सिंघल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कपूर को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 18 फरवरी 2025 को कपूर को आयकर विभाग का नोटिस भेजा गया, जिसमें भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई थी।
जब कपूर ने हर्ष कोटक से संपर्क किया तो उसने सीधे सिंघल से बात करने को कहा। आरोप है कि सिंघल ने नोटिस रद करवाने के बदले 45 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद कपूर की शिकायत पर सीबीआइ ने जाल बिछाया और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। |
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