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स्मार्ट कार्ड्स का उद्देश्य कैंपस में केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश देना और अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाना है।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने कैंपस सुरक्षा और डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारियों के लिए आरएफआईडी आधारित स्मार्ट पहचान पत्र शुरू कर दिए हैं। इस योजना के तहत शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, डेली वेज कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को यूनिक स्मार्ट आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
वीरवार को इस पहल की शुरुआत करते हुए पहला आरएफआई स्मार्ट कार्ड कुलपति प्रो. रेणु विग और रजिस्ट्रार प्रो. वाइपी वर्मा को सौंपा गया। कार्यक्रम में स्मार्ट कार्ड कमेटी की चेयरपर्सन प्रो. सोनल चावला सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पीयू प्रशासन के अनुसार, इन स्मार्ट कार्ड्स का उद्देश्य कैंपस में केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश देना और अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाना है। कार्ड में कर्मचारी की व्यक्तिगत जानकारी और फोटो को सुरक्षित क्यूआर कोड और आरएफआई टैग में एन्क्रिप्ट किया गया है, जिसे बदला नहीं जा सकता। नकली कार्ड बनाने की कोशिश होने पर कोड काम नहीं करेगा।
कुलपति प्रो. रेणु विग ने कहा कि भविष्य में इस व्यवस्था को छात्रों तक भी बढ़ाया जाएगा। शुरुआत विश्वविद्यालय के हास्टलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। उन्होंने स्मार्ट कार्ड कमेटी के प्रयासों की सराहना की। रजिस्ट्रार प्रो. वाइपी वर्मा ने कहा कि आरएफआई स्मार्ट कार्ड से कर्मचारियों की पहचान का भरोसेमंद सिस्टम बनेगा और कैंपस सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
कमेटी चेयरपर्सन प्रो. सोनल चावला ने बताया कि आगे चलकर इन कार्ड्स को कैंपस के गेटों पर लगे बूम बैरियर से जोड़ा जाएगा। साथ ही बाद में छात्रों के स्मार्ट कार्ड को मेस, लाइब्रेरी और अन्य सेवाओं से एक ही डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर जोड़ा जाएगा। |
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