काठगोदाम गौला पुल से नदी किनारे निकलेगा बाइपास। जागरण
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने से जुड़े अहम प्रोजेक्ट काठगाेदाम बाइपास को लेकर लोनिवि की विभागीय फाइनेंस कमेटी (डीएफसी) की जल्द अहम बैठक होने वाली है। इससे पूर्व स्थानीय स्तर निर्माण कार्यों से जुड़ी अलग-अलग डीपीआर तैयार की जा रही है।
यूटिलिटी शिफ्टिंग, पुल निर्माण, पहाड़ी कटान के बाद अब सड़क को पहाड़ी से मलबे से सुरक्षित करने को लेकर भी प्रस्ताव तैयार कर ली गई है। सुरक्षा दीवार और पुलिया के निर्माण पर 4.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। देहरादून में होने वाली डीएफसी की बैठक में इन प्रस्तावों को रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर संशोधन की संभावना भी है।
नैनीताल से लेकर पिथौरागढ़ तक आने-जाने वाली गाड़ियां वर्तमान में नरीमन चौराहे, गुलाबघाटी और रानीबाग होकर निकलती है। इसके बाद एचएमटी तिराहे से गाड़ियां ज्योलीकोट और भीमताल के लिए मुड़ जाती है। अभी इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है। जिस वजह से अक्सर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
समस्या के समाधान को 2019 में काठगोदाम स्थित गौला के पुराने पुल से जंगल क्षेत्र होते हुए एचएमटी पुल पार करने के बाद नजर आने वाली प्राकृतिक जलधारा तक पहुंचने को बाइपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। ताकि भीमताल, भवाली, धारी, पदमपुरी, देवीधुरा से लेकर पिथौरागढ़ तक के लोगों को हल्द्वानी आने-जाने के दौरान नया विकल्प मिल सके।
केंद्रीय वन मंत्रालय से 3.27 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण को लेकर सैद्धांतिक अनुमति भी मिल चुकी है। वहीं, साढ़े तीन किमी लंबे इस बाइपास से हाइटेंशन लाइन व पोल शिफ्टिंग को 2.93 करोड़, पहाड़ी कटान के लिए 1.75 करोड़, 75 मीटर लंबे व सात मीटर चौड़े पुल को 11.75 करोड़ की डीपीआर पहले ही तैयार हो गई थी।
अब डीएफसी की बैठक से पहले सड़क पर पहाड़ी वाले हिस्से की तरफ सुरक्षा दीवार, दो छह-छह मीटर लंबी पुलिया और दो एक-एक मीटर लंबी पुलिया के निर्माण का खर्चा भी तय कर लिया गया है। जिस पर 4.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अहम प्रोजेक्ट से जुड़े अलग-अलग कामों को लेकर डीपीआर तैयार की गई है। वित्तीय स्वीकृति के लिए इन्हें शासन को भेजा जाएगा। -
-प्रहलाद सिंह बृजवाल, मुख्य अभियंता। |