राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना 2025 (सीटीआरएवी) में आयुष्मान योजना के अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा। ट्रामा सुविधाएं, आर्थोपैडिक, इमरजेंसी मेडिसिन, सर्जरी की सुविधा देने वाले नए अस्पताल भी इस योजना में स्वत: ही शामिल माने जाएंगे।
इन सभी अस्पतालों के कर्मचारियों को कैशलेस उपचार योजना के संबंध में प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) को दी गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने सड़क दुर्घटना से संबंधित हॉटस्पाट के पास के अस्पतालों को विशेष रूप से सीटीआरएवी योजना में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को इलाज मिल सके, इसके लिए अधिकतम अस्पतालों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
इसी के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के माध्यम हॉटस्पाट के नजदीकी अस्पतालों को चिन्हित कर रहें हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में दी जाने वाली चिकित्सा देखभाल से पीड़ितों की जान बचायी जा सके।
साचीज ने जिलों में तैनात आयुष्मान योजना के नोडल आफिसर और अन्य कर्मचारियों को सीटीआरएवी की जानकारी और प्रशिक्षण दिया है। ये मास्टर ट्रेनर के रूप में जिलों के नए अस्पतालों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।
साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध अस्पताल स्वत: ही सीटीआरएवी में शामिल माने जाएंगे। हॉटस्पाट के नजदीक के नए अस्पताल जैसे-जैसे चिन्हित होंगे, उनके कर्मचारियों को कैशलेस योजना की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को पोर्टल पर मरीज के इलाज के दावों को अपलोड करने से लेकर भुगतान लेने की प्रक्रिया की जानकारी देनी है। इलाज के बाद अस्पतालों के दावों की जांच करके, भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी साचीज की है।
इसके बाद संबंधित जिलों के जिलाधिकारी अस्पतालों को इलाज का भुगतान करेंगे। बता दें कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की भर्ती की तिथि से सात दिन तक 1.5 लाख रुपये निश्शुल्क इलाज की व्यवस्था सीटीआरएवी योजना में की गई है। |
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