प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (कुमाऊं कमिश्नर) दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गुरुवार को कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। पर्वतीय क्षेत्रों में जल संकट की बढ़ती समस्या को देखते हुए तय हुआ कि होटल या रिसोर्ट निर्माण की अनुमति तभी मिलेगी जब संचालक वर्षा जल संचयन को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाएगा।
अक्सर यह देखने को मिलता है कि कारोबारी धुलाई या गार्डन में फूल-पौधों को सींचने में पेयजल आपूर्ति से जुड़े पानी का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। प्राकृतिक जल स्त्रोतों की क्षमता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता है।
बैठक में अफसरों को हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र में सरकारी व नजूल लैंड चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए। भविष्य में गरीबों के लिए आवासीय योजना विकसित करने में यह जमीन काम आएगी।
काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति को लेकर संयुक्त सर्वे के साथ ही भू-विज्ञानी की रिपोर्ट भी अनिवार्य होगी। ताकि आपदा के दौरान संपत्ति या जनहानि की आशंका न रहे।
बैठक के दौरान बात उठी कि रामगढ़-भीमताल क्षेत्र में एक ही परिवार के लोग अगल-बगल की जमीन पर भवन निर्माण को लेकर अलग-अलग आवेदन कर रहे हैं। स्वीकृति मिलने पर जमीन को जोड़ होटल-रेस्टोरेंट या कोई अन्य कमर्शियल निर्माण कर लेते हैं।
तय हुआ कि भविष्य में एक परिवार से एक सदस्य को ही अनुमति दी जाएगी। वहीं, प्राधिकरण के दायरे में आए नए क्षेत्रों में छह माह से पुराने निर्माणाधीन भवनों के नक्शों को बिना किसी जुर्माने के पास किया जाएगा। लोगों की मांग के आधार पर इस प्रस्ताव को पास किया गया।
इसके अलावा जिले के अलग-अलग शहरों के प्राधिकरण अधिकारियों को कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिस भी निर्माण कार्यों को अनुमति दी गई है। शर्तों के पालन को लेकर समय-समय पर मौके पर पहुंच निगरानी जरूर करें। बैठक के दौरान नैनीताल से जुड़े भवन पुननिर्माण के आवेदनों पर भी चर्चा हुई।
भवन की पुरानी पैमाइश के आधार पर इन फाइलों को पास किया जाएगा। इस दौरान डीएम ललित मोहन रयाल, सचिव प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी, बोर्ड सदस्य धीरज पांडे, गणेश भट्ट आदि मौजूद थे।
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पारंपरिक उत्पादों के आउटलेट चलाएंगी महिलाएं
बैठक में नैनीताल से भवाली के बीच सड़क किनारे सार्वजनिक शौचालय और पारंपरिक उत्पादों की बिक्री व ब्रांडिंग को आउटलेट खोलने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं इन आउटलेट का संचालन करेंगी। हल्द्वानी से ज्योलीकोट के बीच भी पर्यटकों की सुविधा को शौचालय बनेंगे। |
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