बिहार ने सुपौल में निगरानी ने की कार्रवाई, रिश्वत लेते अमीन को पकड़ा।
जागरण संवाददाता, सुपौल। सुपौल जिले के निर्मली नगर स्थित वार्ड संख्या एक में नाग मंदिर के पास मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सर्वे अमीन को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और राजस्व विभाग में भी हलचल तेज हो गई।
जमीन सर्वे के नाम पर मांगी थी 50 हजार की रिश्वत
जानकारी के अनुसार मरौना अंचल क्षेत्र के खोरमा गांव निवासी सेवानिवृत्त दफादार जय नारायण यादव से जमीन सर्वे के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि सर्वे अमीन विक्रम कुमार ने उनसे कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने राशि दो किश्तों में देने की बात कही थी।
पहली किश्त लेने के दौरान दबोचा गया
तय योजना के तहत मंगलवार को पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेकर आरोपी को नाग मंदिर के पास बुलाया गया था। इससे पहले जय नारायण यादव ने मामले की शिकायत निगरानी विभाग में दर्ज कराई थी। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग पटना की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही सर्वे अमीन ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग ने की कार्रवाई की पुष्टि
निगरानी विभाग पटना के पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पटना ले जाया जा रहा है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी और विधि सम्मत कार्रवाई होगी।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन सर्वे और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में रिश्वत की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने या लेने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  |
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