तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अतिक्रमण को ढहाता बुलडोजर। फोटो- चंद्र प्रकाश मिश्र
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तुर्कमान गेट के सामने फैज ए इलाही मस्जिद के निकट से अतिक्रमण हटाने का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन अवैध तौर पर बनाए बैक्वेंट हॉल के विभिन्न कमरों को तोड़ा गया। इसके साथ ही मस्जिद के मुख्य गेट पास पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 2500 वर्ग फीट और भूमि को खाली कराया गया है।
39000 वर्ग फीट जमीन होगी खाली
यह अतिक्रमण पीडब्ल्यूडी रोड पर था तो अवैध तरीके से घेर रखा था। इसे भी हटा दिया गया है। एमसीडी के अनुसार कुल 39000 वर्ग फीट जमीन खाली कराया जाना है।
तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाने के बाद समतल होने के बाद का दृश्य। चंद्र प्रकाश मिश्र
अधिकारियों के अनुसार अभी बड़ी मात्रा में मलबा पड़ा हुआ है। जैसे ही मलबा साफ हो जाएगा वैसे ही जमीन का माप किया जाएगा। इसके बाद यहां पर चारदिवारी की जाएगी और इस खाली कराई गई भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बनाया जाएगा।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी मलबा उठाने का अभियान शुक्रवार तक चलेगा। क्योंकि मलबा काफी ज्यादा था। वहीं, स्लैब में लोहा काफी भारी मात्रा में लगा है। इसलिए स्लैब और दीवारों को तोड़ने में दिक्कत आ रही है। इसलिए बृहस्पतिवार को गैस कटर मंगाए गए हैं और स्लैब को काटने का कार्य चल रहा है।
कब तक हटेगा पूरा मलबा?
उन्होंने बताया कि अभी तक 250 ट्रक मलबा हटा लिया गया है। जबकि 100 ट्रक मलबा और हो सकता है इसे हम शुक्रवार की सुबह तक खत्म करने की योजना से कार्य कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई भूमि को रामलीला मैदान का हिस्सा बनाया जाएगा। इसकी चारदिवारी के लिए अधिकारियों के निर्देश आ गए हैं जैसे यह स्थान खाली हो जाएगा हम इस दिशा में कार्य कर करेंगे।
देखा जाएगा कि इसका उपयोग रामलीला मैदान में किस लिए किया जाएगा क्योंकि अभी फिलहाल रामलीला मैदान में जो मुख्य मंच बना हुआ है उसके एक तरफ कार्यक्रमों के दौरान वीवीआइपी पार्किंग के लिए बनाया हुआ है। बीच में एक दीवार है उसे तोड़ा जाएगा ताकि वह रामलीला मैदान का हिस्सा बन सके।
इंतजामिया कमेटी को भेजा जाएगा बुलडोजर चलाने का बिल
एमसीडी ने फैज ए इलाही मस्जिद के पास से तो अतिक्रमण हटाया है उसका बिल भी भेजने पर एमसीडी विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार इसके अलावा एमसीडी जमीन के किए गए व्यावसायिक उपयोग के हिसाब से भी इसका जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि हम इस मामले में कानूनी राय ले रहे हैं।
एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एमसीडी अवैध निर्माण को गिराने पर 10 हजार रुपये प्रति मशीन प्रति घंटे के हिसाब से राशि अवैध निर्माण करने वाले से लेती है। ऐसे में यहां पर जबसे अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू हुई जब खत्म होगी उसके हिसाब से इसका हिसाब लगाया जाएगा।
अधिकारी ने यह भी बताया कि इस पर उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर जुर्माने के तौर पर इंतजामिया कमेटी से यह राशि वसूली जा सकती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि चूंकि जो जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है उसका व्यावसायिक उपयोग बैक्वेंट हाल के तौर पर किया जा रहा था।
ऐसे में देखा जाएगा कि कितना इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग किया गया। ऐसे में एमसीडी की जमीन का व्यवसायिक उपयोग किया गया है और उसे कमाई की गई है ऐसे में उस राशि को भी वसूलने की योजना है। हालांकि इसमें सक्षम प्राधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
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