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महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगरपालिका के लिए चुने गए कांग्रेस के सभी 12 पार्षद भाजपा में शामिल हुए

Chikheang 2026-1-9 01:56:30 views 325
  

महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगरपालिका के लिए चुने गए कांग्रेस के सभी 12 पार्षद भाजपा में शामिल हुए (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, मुंबई। कांग्रेस द्वारा निष्कासित अंबरनाथ नगरपालिका में उसके सभी नवनिर्वाचित बारह पार्षदों ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें चुनाव के बाद भाजपा के साथ गठबंधन करने के कारण कांग्रेस द्वारा पहले निलंबित, फिर निष्कासित कर दिया गया था।

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने बुधवार देर रात भाजपा कार्यालय में कहा कि यह कदम सत्ता की लालसा से प्रेरित नहीं बल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जनता ने इन पार्षदों को चुना है।

उन्होंने नागरिकों से विकास का वादा किया था। वे हमारे साथ इसलिए आए हैं, क्योंकि सरकार गतिशील तरीके से काम कर रही है और लोगों को न्याय और विकास प्रदान करने में सक्षम है।

20 दिसंबर को हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भाजपा ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ \“अंबरनाथ विकास अघाड़ी\“ (एवीए) के बैनर तले गठबंधन कर ठाणे जिले की अंबरनाथ नगरपालिका का नेतृत्व संभाला और राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक में सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस आघाड़ी में अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा भी शामिल है। 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में एवीए ने 31 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया।

हाल ही में हुए चुनावों में शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। भाजपा ने 14 सीटें, कांग्रेस ने 12, राकांपा ने चार सीटें जीतीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए थे।

एक निर्दलीय सदस्य के समर्थन से त्रिदलीय गठबंधन की ताकत बढ़कर 32 पार्षदों तक पहुंच गई है, जो बहुमत के 30 के आंकड़े को पार कर गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस घटनाक्रम पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के कथनी और करनी में काफी अंतर है।

इस तरह का अनैतिक गठजोड़ कर कांग्रेस के पार्षदों को अपने दल में शामिल करते हुए भाजपा को शर्म आनी चाहिए। प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से सलाह किए बिना हुए इस गठबंधन से शर्मिंदा होकर कांग्रेस ने बुधवार को अपने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ ही ब्लॉक अध्यक्ष को भी निलंबित कर दिया था। लेकिन उसी रात इन सभी निलंबित पार्षदों ने भाजपा में शामिल होने का फैसला कर लिया। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने नगरपालिका में राजनीतिक समीकरणों को एकदम बदल दिया है।

चव्हाण ने कहा कि पार्षदों का यह कदम भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। अकोला जिले की अकोट नगरपालिका में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआइएमआइएम के साथ भाजपा के गठबंधन पर चव्हाण ने कहा कि उनके अकोट विधायक प्रकाश भरसखाले को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जबकि महायुति में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने इस घटनाक्रम को गठबंधन धर्म से साथ विश्वासघात बताया है, क्योंकि अंबरनाथ में की गई व्यवस्था का उद्देश्य एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी को स्थानीय निकाय की बागडोर संभालने से रोकना था।
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