बैठक में शामिल बीडीओ व अन्य पदाधिकारी। जागरण
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) । प्रखंड कार्यालय के प्रमुख सभा भवन में गुरुवार को बीडीओ ललन कुमार चौधरी की अध्यक्षता में अलग-अलग दो महत्वपूर्ण बैठकें हुई। पहली बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण को लेकर समीक्षा की गई। जबकि दूसरी बैठक मनरेगा जाब कार्डधारी मजदूरों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने को लेकर हुई।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण से संबंधित बैठक में सीओ, बीपीआरओ, एलएस एवं विभिन्न पंचायतों के मुखिया मौजूद रहे। बैठक में प्रत्येक पंचायत में दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण हेतु भूमि चयन की केंद्रवार समीक्षा की गई।
बीडीओ चौधरी ने सीओ राकेश सिंह यादव को निर्देश दिया कि चिह्नित भूमि का खाता-खेसरा उपलब्ध कराते हुए शीघ्र एनओसी प्रदान की जाए। सीओ यादव ने बताया कि छह आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि की जांच पूरी कर ली गई है, जिनका एनओसी शीघ्र बना दिया जाएगा।
वहीं पांच केंद्रों की भूमि विद्यालय परिसर की है, जिसके लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा एनओसी दी जाएगी। शेष बचे केंद्रों के लिए प्राप्त खाता-खेसरा के आधार पर सरकारी भूमि की जांच राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अमीन से कराकर जल्द एनओसी उपलब्ध कराने की बात कही गई। बीडीओ ने सभी संबंधित विभागों को आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य को अलर्ट मोड पर करने का निर्देश दिया।
ई-केवाईसी के लिए 15 जनवरी तक की समय सीमा
दूसरी बैठक में मनरेगा पीओ, विकास मित्र एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक शामिल हुए। इस दौरान बीडीओ ने जाब कार्डधारी मजदूरों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन कम से कम 50 मजदूरों की ई-केवाईसी सुनिश्चित की जाए।
मनरेगा पीओ राजीव रंजन ने सभी विकास मित्र एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक को जाब कार्डधारी मजदूरों की सूची उपलब्ध कराते हुए प्रतिदिन किए गए कार्य की रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजने का निर्देश दिया।
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि इस कार्य के लिए 15 जनवरी तक की समय-सीमा निर्धारित है। जिसे हर हाल में समय से पहले पूरा किया जाए। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर पीओ से संपर्क करने को कहा गया। बैठक में बीपीआरओ कैलाश कुमार, प्रभारी बीईओ राहुल कुमार, सीडीपीओ अंजु कुमारी, प्रधान सहायक शीलानंद यादव, मुखिया अविनाश कुमार आजाद, पप्पू मांझी, मुखिया प्रतिनिधि विनोद ठाकुर सहित रोजगार सेवक, विकास मित्र, महिला पर्यवेक्षिका आदि उपस्थित थे। |
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