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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना : बीएचईएल ने शुरू की सेमी हाई स्पीड ट्रैक्शन कंवर्टर्स की आपूर्ति

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सांकेतिक तस्वीर।



जागरण संवाददाता, हरिद्वार: भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने रेल परिवहन क्षेत्र में अपनी \“मेक इन इंडिया\“ पहल के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के साथ बीएचईएल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम की ओर से प्रतिष्ठित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए सेमी हाई स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन कंवर्टर्स की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

गुरुवार को बीएचईएल के बेंगलुरु प्लांट में एक फ्लैग-आफ समारोह आयोजित किया गया। बानी वर्मा, निदेशक (औद्योगिक प्रणाली व उत्पाद), बीएचईएल ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सेमी-हाइ-स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स के प्रथम सेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

एसएम रामनाथन, निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास), बीएचईएल और उमेश चौधरी, उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, टीआरएसएल ने वर्चुअल माध्यम से इस समारोह में भाग लिया। यह सेमी-हाई-स्पीड प्रोपल्शन सेगमेंट में बीएचईएल के रणनीतिक प्रवेश को दर्शाता है। ट्रैक्शन कन्वर्टर्स को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की अंतिम असेंबली के लिए कोलकाता भेजा जा रहा है।

  

भेल प्रबंधन ने बताया कि इन ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन मोटर्स व ट्रांसफार्मर्स जैसे अन्य प्रमुख प्रोपल्शन उपकरण भेल की भोपाल व झांसी इकाइयों ने विकसित व निर्मित किए हैं। अत्याधुनिक आइजीबीटी-आधारित ट्रैक्शन कन्वर्टर्स से लैस, अंडरस्लंग डिजाइन में प्रोपल्शन उपकरण को ट्रेन कार के नीचे लगाया जाता है, जिससे यात्रियों की सुविधाओं के लिए ट्रेन के अंदर पर्याप्त जगह उपलब्ध हो जाती है और ट्रेन की कुल पेलोड क्षमता बढ़ जाती है।

इस प्रोपल्शन सिस्टम की विशेषता है कि इसे 176 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है। इससे 160 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति प्राप्त की जा सकती है। इस सिस्टम की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि यह लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं के दौरान विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत थर्मल प्रबंधन का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाला पावर रूपांतरण करता है।
भेल ने कोयला गैसीकरण के लिए किया अनुबंध

भेल ने भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) से झारसुगुड़ा, ओडिशा में अपनी कोल-टू-2000 टीपीडी अमोनियम नाइट्रेट परियोजना के लिए कोयला गैसीकरण और रा सिनगैस क्लीनिंग पैकेज का अनुबंध किया है। यह बीएचईएल और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का संयुक्त उद्यम है।

इस अनुबंध के अंतर्गत कोयला गैसीकरण और रॉ सिनगैस क्लीनिंग सुविधाओं की इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, कमीशनिंग और प्रदर्शन गारंटी शामिल है, जो एकीकृत रासायनिक परिसर की मुख्य प्रक्रिया इकाइयां हैं।

कार्य के दायरे में गैसीफायर और संबंधित सहायक उपकरण, स्टीम जनरेशन प्लांट, एयर सेपरेशन यूनिट, कोयला और राख हैंडलिंग सिस्टम और कूलिंग टावर सुविधाएं शामिल हैं। इस परियोजना में बीएचईएल की इन-हाउस विकसित प्रेशराइज्ड फ्लूडाइज्ड बेड गैसीफिकेशन (पीएफबीजी) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

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