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Jharkhand Weather Update: मैक्लुस्कीगंज का पारा माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस, झारखंड के कई जिलों में येलो अलर्ट

Chikheang 3 day(s) ago views 272
  

मैक्लुस्कीगंज झारखंड का सबसे ठंडा क्षेत्र साबित हो रहा है, वाहनों पर वर्फ की चादर बिछी नजर आ रही है।  



जागरण संवाददाता, रांची-मैक्लुस्कीगंज। रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज में जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। यह झारखंड का सबसे ठंडा क्षेत्र साबित हो रहा है। न्यूनतम पारा माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।  

रांची के शहरी क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम लेकिन बाहरी क्षेत्रों में ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। आसपास के क्षेत्रों में कोहरे और कनकनी का असर देखने को मिल रहा है।

स्थिति यह है कि मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान शून्य से नीचे जाते ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोग दिनभर ठिठुरने को मजबूर रहे।

भीषण ठंड के कारण मैक्लुस्कीगंज का जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया। सुबह होते ही पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। पेड़-पौधों, खलिहानों, पुआल, खेतों और खुले मैदानों पर जमी बर्फ ने इलाके को पहाड़ी क्षेत्र जैसा दृश्य प्रदान किया।

अत्यधिक सर्दी के कारण लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, रांची शहरी क्षेत्र में खिली धूप ने आमजनों को काफी राहत दी। हालांकि, सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहता है, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।

गुरुवार को राजधानी में खिली धूप ने लोगों को ठंड से थोड़ी राहत अवश्य दी है लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

राज्य के 10 जिलों में शीतलहर की संभावना बनी रहेगी। इसे लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।


तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में नहीं होगा कोई बदलाव :

पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। राज्य में कहीं कहीं पर हल्के और मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान मैक्लुस्कीगंज का माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, कांके का 2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। राजधानी रांची का अधिकतम 23.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया कि 9 जनवरी को उत्तर पश्चिमी क्षेत्र पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के साथ साथ निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गुमला और बोकारो में शीतलहर की संभावना बनी रहेगी।

इन जिलों के लिए विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले तीन दो दिनों 9 और 10 जनवरी को न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

इसके बाद अगले तीन दिनों यानी 11, 12 और 13 जनवरी को न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।


अगले चार दिन राजधानी का इतना रहेगा तापमान

  • 09 जनवरी : अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस
  • 10 जनवरी : अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस
  • 11 जनवरी : अधिकतम 23 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस
  • 12 जनवरी : अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस

खलारी के बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा

झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और मिनी लंदन के नाम से मशहूर मैक्लुस्कीगंज में गुरुवार को रिकार्ड तोड़ ठंड दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरने से पूरा क्षेत्र शीतलहर की गिरफ्त में आ गया।

कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे। आमतौर पर चहल-पहल से भरे बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

रिकार्ड ठंड का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों पर पड़ा है। कामकाज ठप पड़ने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

बिरहोर कालोनी समेत आसपास के इलाकों में लोग अलाव के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। अत्यधिक ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
सर्दी जनित बीमारियों का बढ़ा प्रकोप

लगातार गिरते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। सर्दी, बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है। दिन चढ़ने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हो रहा।

इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रिकार्ड ठंड ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने अलाव की व्यवस्था, कंबल वितरण और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग तेज कर दी है।

मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शीतलहर का यह प्रकोप फिलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे मैक्लुस्कीगंज में ठंड अब आफत बन चुकी है।

प्रशासन को इस स्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। ठंड के इस प्रकोप ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गंभीर संकट में डाल दिया है।

इस प्रकार मैक्लुस्कीगंज में ठंड की स्थिति ने सभी को चिंतित कर दिया है और सभी की नजरें प्रशासन की ओर हैं कि वह इस संकट से कैसे निपटता है।
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