जागरण संवाददाता, लखनऊ। मानक नगर के राम प्रसाद खेड़ा में सड़क पर भरा सीवर का पानी और उसके पास से जा रही पानी की पाइप से घरों में दूषित जलापूर्ति हो रही है। पिछले छह महीने से परेशान निवासियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की, लेकिन समस्या दूर हुए बिना निस्तारण कर दिया गया।
नगर निगम व जलकल विभाग से लेकर पार्षद तक से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ‘दैनिक जागरण’ ने गुरुवार को इलाके का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं, जिसमें उन्होंने अपना दर्द बयां किया। ‘दैनिक जागरण’ ने टीडीएस मीटर टेस्टर से निवासियों से जांच कराई तो पानी 550 टीडीएस पाया गया जो भारत सरकार के 500 टीडीएस के मुकाबले 50 अधिक है।
यहां के निवासी राकेश पांडेय ने बताया कि सीवर जाम और नाला बंद होने से सीवर और घरों का पानी सड़क पर भर जाता है। पाइप लाइन से घरों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। अरुण सोनकर, मनोज कुमार, बिंद्रा प्रसाद, मनोज कुमार शर्मा व संतोष कुमार समेत कई निवासियों ने दूषित जलापूर्ति का आरोप लगाया है।
बच्चों को हुआ डायरिया
पिछले छह महीने से सीवर युक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। मेरे बेटे वैभव और तुषार को गंदे पानी से डायरिया हो गया है। उन्हें लोकबंधु में भर्ती कराना पड़ा है। जलकल विभाग से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षद भी नहीं सुन रहे हैं। कई बार फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठाते हैं। - दुर्गेश नंदिनी
आता है बदबूदार पानी
सीवर जाम और जलभराव से बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इसकी वजह से निवासी आरओ का पानी लाकर पीने को मजबूर हैं। नगर निगम से शिकायत की गई तो पानी की निकासी के लिए पंप लगाया गया, लेकिन पंप से निकला पानी मैदान में ही भरा रहता है, जो पाइपलाइन के माध्यम टोटियों में आता है। - रानी
कपड़े धोने लायक तक नहीं
शिकायत करके थक चुके हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति दुरुस्त नहीं हो रही है। जलकल विभाग से पीने के पानी का टैंकर लगाने की मांग की गई, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सीवर लाइन के चेंबर के पास से ही पानी की पाइपलाइन जाने से दूषित पानी आ रहा है। पीना तो छोड़िए यह पानी कपड़े धुलने लायक तक नहीं है। - निशा |
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