जागरण संवाददाता, लखनऊ। रक्षा मंत्रालय और यूपीनेडा मिलकर छावनी में करीब तीन मेगावाट की क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट लगाएंगे। इस प्लांट से तैयार बिजली की आपूर्ति छावनी परिषद के अलावा सैन्य यूनिटों में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के माध्यम से की जाएगी। लखनऊ छावनी परिषद के सभी पार्कों, अस्पताल, सरकारी भवन, स्कूल के साथ मार्ग प्रकाश सोलर एनर्जी से जगमगाएंगे। परिषद और यूपीनेडा के बीच सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सहमति बन गई है। इसे लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी जल्द होगी।
नगर निगम की भांति छावनी परिषद रक्षा मंत्रालय की म्यूनसिपल संस्था है। छावनी के सैन्य और असैन्य इलाकों में साफ सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित कई बुनियादी सुविधाएं परिषद प्रशासन प्रदान करता है। प्रतिमाह मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर 19 लाख रुपये का बिजली का बिल का भुगतान छावनी परिषद प्रशासन करता है। परिषद प्रशासन अब सोलर एनर्जी से न केवल अपनी जरूरत के लिए बिजली का उत्पादन करेगा, वहीं सैन्य इलाकों के लिए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस को भी वह बिजली देगा।
परिषद प्रशासन और यूपीनेडा के अधिकारियों के बीच हुई बैठक
इसके लिए परिषद प्रशासन और यूपीनेडा के अधिकारियों के बीच पिछले दिनों बैठक हुई है। दोनों विभागों ने पत्राचार करते हुए तीन मेगावाट की क्षमता का सोलर प्लांट घोसियाना में खाली पड़ी परिषद प्रशासन की भूमि पर लगाने की सहमति प्रदान की है। यहां से तैयार बिजली की आपूर्ति छावनी परिषद अपने स्कूलों, सरकारी भवनों और पार्कों के साथ मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए करेगा। साथ ही सैन्य क्षेत्रों के लिए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस को भी बिजली देगा।
लखनऊ के अलावा उत्तर प्रदेश की कानपुर, शाहजहांपुर सहित सभी 13 छावनियों में भी सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। इसके लिए मध्य कमान रक्षा संपदा के वरिष्ठ अधिकारियों और यूपीनेडा के अधिकारियाें के बीच इसी माह बैठक होगी। इस बैठक में इन छावनियों के सीईओ को भी बुलाया गया है। |