पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की।
जागरण संवाददाता, मऊ। काशी एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचना देने वाले युवक के खिलाफ जीआरपी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस युवक ने कंट्रोल रूम को फोन पर बम होने की जानकारी दी थी, जिससे अफवाह फैल गई। जीआरपी पुलिस ने अंकित कुमार के खिलाफ कानून के दुरुपयोग, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने और लापरवाही से दूसरों की जान को खतरे में डालने के आरोप में केस दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। गोरखपुर स्टेशन से लोक मान्य तिलक टर्मिनल, मुंबई जाने वाली अप 15018 काशी एक्सप्रेस के इंदारा स्टेशन से निकलते ही कंट्रोल रूम को फोन कर एक युवक ने बम होने की सूचना दी। इस सूचना के बाद जीआरपी पुलिस ने तुरंत तीन थानों की पुलिस के साथ मिलकर प्लेटफार्म नंबर एक को पूरी तरह से खाली करा दिया।
ट्रेन के पहुंचने से पहले सभी बोगियों की जांच की गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी बोगियों को खाली कराया गया। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सका।
जीआरपी पुलिस ने फोन की लोकेशन और आरोपित की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि इस तरह की झूठी सूचनाएं न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल भी बनता है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की झूठी सूचनाओं से दूर रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस मामले में अंकित कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है।
झूठी सूचनाएं न केवल कानून को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में अव्यवस्था और भय का माहौल भी उत्पन्न करती हैं। जीआरपी पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। |
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