इन परियोजनाओं से जम्मू शहर में पर्यटन बढ़ेगा और बुनियादी ढांचा सुधरेगा।
अंचल सिंह, जम्मू। वर्ष 2025 के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बीती बात होने जा रहा है। अब 2026 से एसएएससीआई (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट) से जम्मू शहर की सूरत बदलेगी। एसएएससीआई के अंतर्गत नव वर्ष में कई बड़ी परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। इसमें टैंपल कॉरिडोर के अलावा मल्टीस्टोरी पार्किंग्स व परेड सब्जी मंडी का निर्माण विशेष हैं जिसका काम नव वर्ष में शुरू होगा।
जम्मू स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अवधि समाप्त होने के चलते अब नए प्रोजेक्ट इसके अधीन नहीं रहेंगे। सरकार ने एसएएससीआई स्कीम लाई है जिसके तहत विभिन्न प्रस्ताव तैयार किए गए हैं जिन्हें 2026 में पूरा किया। जम्मू शहर में पर्यटकों को लुभाने के लिए टैंपल कॉरिडोर नव वर्ष का सबसे बड़ा तोहफा होगा जो एसएएससीआई के अंतर्गत बनने जा रहा है।
इस पर करीब 4 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इस पर काम शुरू होगा। इसकी डीपीआर बनाई जा चुकी है और केंद्र के पास मंजूरी के लिए लंबित है। वहीं ज्यूल चौक और एसएमजीएस अस्पताल परिसर में 25-25 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला पार्किंग बनाने की योजना को भी इसी स्कीम के तहत पूरा किया जाएगा।
इसके अलावा परेड सब्जी मंडी के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट भी बनाया गया है। करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से सब्जी मंडी में पक्के थड़े, शेड व अन्य संबंधित कार्यों को पूरा करते हुए यहां काम करने वालों को सुविधाएं दी जाएंगी। यह प्रोजेक्ट पहले स्थानीय दुकानदारों व लोगों के विरोध के चलते ठंडे बस्ते में चला गया है। अब दुकानदारों, फड़ी वालों से बातचीत कर प्रोजेक्ट को एसएएससीआई के अधीन लाकर पूरा करने की तैयारी है।
टैंपल कॉरिडोर से बढ़ेगा पर्यटन
जम्मू शहर में प्रस्तावित किलोमीटर का धार्मिक कॉरिडोर ऐतिहासिक बाहू किला (बावे वाली माता), हर की पौढ़ी और महामाया मंदिर को जोड़ेगा ताकि तीर्थयात्रियों की पहुंच बेहतर हो सके। इस प्रोजेक्ट के तहत श्रद्धालुओं के लिए मंडप, सराय भी बनाने का प्रस्ताव है।
कनेक्टिविटी में सुधार: एक नई सुरक्षित व वाहनों के चलने वाली सड़क बाहू फोर्ट, हर की पौड़ी और महामाया मंदिर को जोड़ेगी जिसमें आसान पहुंच के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और गोल्फ कार्ट होंगे।
बुनियादी ढांचे का उन्नयन : इस प्रोजेक्ट में मौजूदा सड़कों को चौड़ा करना, बावे वाली माता पर नई जेडीए पार्किंग को बेहतर बनाना और सुरक्षा के लिए निगरानी और लाइटिंग को बढ़ाना शामिल है।
आंगुतक सुविधाएं: इस प्लान में हर की पौड़ी और महामाया मंदिर में सराय (शेल्टर होम) बनाना और बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पहुंच को बेहतर बनाना शामिल है।
पर्यटन को बढ़ाना: इस पहल का मकसद साल भर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाना, स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और जम्मू रोपवे जैसे मौजूदा मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत करना है।
कॉरिडोर में खास मंदिर
बाहू फोर्ट मंदिर (बावे वाली माता): देवी काली को समर्पित यह एक खास मंदिर है जहां से जम्मू शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सूर्यपुत्री तवी नदी का शानदार नजारा दिखता है।
महामाया मंदिर: बाहू फोर्ट के पीछे की पहाड़ी पर बना यह मंदिर काफी आकर्षक है और बेहतर टूरिस्ट सर्किट का हिस्सा है।
हर की पौढ़ी: बाहू फोर्ट के पीछे तवी नदी किनारे विकसित मंदिरों वाला बेहतरीन क्षेत्र है। काफी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। इसे कॉरिडोर के हिस्से के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
परेड सब्जी मंडी की बदलेगी सूरत
जम्मू की पुरानी परेड सब्जी मंडी को स्मार्ट वेंडिंग जोन के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत बहुमंजिला इमारत के बजाय व्यवस्थित शेड, खोखे, कचरा प्रबंधन और सोलर लाइट सिस्टम का प्रावधान है। सब्जी विक्रेता और दुकानदारों के लिए साफ-सुथरा और आरामदायक माहौल बनेगा।
यह मंडी करीब तीन कनाल जमीन में बनी है। सब्जी मंडी में 56 दुकानों को तोड़ कर दोबारा बनाया जाना है। यहां कुल 123 दुकानें प्रस्तावित हैं। सब्जी मंडी में 133 शेड बनाने का प्रस्ताव है जिसमें टाइप ए, बी और सी के शेड व खोखे शामिल होंगे। इसके अलावा मंडी में कचरे काे जमा करने और निस्तारण के भी प्रबंध रहेंगे। यहां एक स्वागती गेट भी बनेगा। बिजली की समस्या से निपटने के लिए यहां सोलर लाइट सिस्टम भी बनाया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत नए प्रोजेक्ट अब नहीं
जम्मू स्मार्ट सिटी के सीईओ डा. देवांश यादव समेत अन्य अधिकारियों का कहना है कि पुराने प्रोजेक्ट को मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद फिलहाल स्मार्ट सिटी के तहत कोई नया प्रोजेक्ट नहीं है। अब एसएएससीआई के तहत नए प्रोजेक्ट बनेंगे। सरकार के पास कुछ मुख्य प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए लंबित हैं। नव वर्ष में इन पर काम शुरू होगा। |
|