मोबाइल टावर से मिला करोड़ों का बिजनेस आइडिया
नई दिल्ली। कुछ बड़ा काम करने के लिए मन में जज्बा होना चाहिए। बिना जज्बे के पक्का इरादा नहीं बनता और बिना पक्के इरादे के मकसद में सफलता नहीं मिलती। कुछ ऐसी ही कहानी रही है, यूपी के इंद्रेश कुमार की, जो चित्रकूट से आते हैं। इंद्रेश लाखों की नौकरी कर रहे थे, मगर वे नौकरी की सीमाओं में बंधा हुआ महसूस करते थे। इसलिए उनके मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार आया। उन्होंने जोखिम लिया, लाखों की नौकरी छोड़ी और सफल बिजनेसमैन बन गए। आइए बताते हैं आपको उनकी प्रेरक कहानी।
किस सेक्टर में करते थे जॉब?
रिपोर्ट्स के अनुसारइंद्रेश ने शुरुआती शिक्षा गांव में ही ली और फिर पिता के साथ इंदौर पहुंच गए। इंदौर में उन्होंने हायर एजुकेशन ली और नौकरी शुरू की। 2005 में वे एक भारतीय इंफोटेक कंपनी में नौकरी करने लगे। उनका पद क्लस्टर हेड का था। वहां 10 साल तक काम किया। मगर मन में कुछ और चल रहा था। इसलिए वे लाखों की नौकरी और कंफर्ट लाइफ छोड़कर गांव लौट गए।
गांव लौटने पर क्या आईंचुनौतियां?
इंद्रेश के लिए गांव लौटना आसान नहीं था। उन्हें गांव में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इनमें सबसे अहम समस्या थी नेटवर्क की। गांव में मोबाइल नेटवर्क बहुत खराब हालत में था, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में भी कॉल कर पाना मुश्किल था। यहीं से उन्हें बिजनेस आइडिया आया।
गांव में नेटवर्क किया दुरुस्त
इंद्रेश ने सबसे पहले अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क को दुरुस्त किया, जिसके नतीजे में गांव के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने लगी। फिर साल 2018 में उन्होंने नेटवर्किंग और मोबाइल टावर प्रोजेक्ट के सेक्टर में अपना बिजनेस शुरू किया।
ऐसा नहीं था कि उनके लिए शुरुआत आसान थी। शुरू में कामयाबी नहीं मिली, मगर मेहनत, प्लानिंग, लगन और तकनीकी जानकारी के आधार पर उनका बिजनेस ग्रो करता गया। रिपोर्ट्स के अनुसार उनके कारोबार का सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये है। इतना ही नहीं वे कई लोगों को रोजगार देने में भी कामयाब रहे।
गरीबों की करते हैं मदद
तरक्की करने के बाद भी इंद्रेश जमीन से जुड़े हुए हैं। वे लोगों की मदद करते हैं और इसके लिए कई कार्यक्रम करते रहते हैं। जैसे कि जरूरतमंदों की मदद, सर्दियां में कंबल बांटना, कपड़े और अन्य सहायता मुहैया कराना उनकी जीवनशैली का हिस्सा है।
ये भी पढ़ें - पराली से कमाई का अनोखा तरीका! छत्तीसगढ़ के किसान ने मशरूम उगाकर बदली तकदीर; रोज कमा रहा ₹10000 |
|