बाल कल्याण समिति के सामने पेश होने पहुंची किशोरी।
जागरण संवाददाता, आगरा। स्वजन द्वारा नाबालिग बेटी की शादी नहीं करने का आश्वासन लिखित में देने पर मंगलवार को किशोरी को उनकी सिपुर्दगी में दे दिया गया। किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया था।
वहीं, हाथरस से बरात लेकर आया दूल्हा खाली हाथ लौट गया। दूल्हे का कहना था कि वह लड़की के बालिग होने की प्रतीक्षा करेगा।
चाइल्ड लाइन को हेल्पलाइन नंबर 1098 पर रविवार की रात जगदीशपुरा क्षेत्र में नाबालिग की शादी होने की सूचना मिली थी। चाइल्ड लाइन कोआर्डिनेटर ब्रजेश कुमार गौतम और किरन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि बरात आ चुकी थी।
हाथरस के सादाबाद से बरात लेकर आया दूल्हा फेरों की तैयारी में था। दुल्हन के आयु संबंधित प्रपत्र देखने पर पता चला कि 16 वर्ष तीन महीने की है। टीम ने लड़की को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया। मंगलवार की सुबह लड़की के स्वजन बाल कल्याण समिति पहुंचे।
समिति ने उन्हें बताया कि नाबालिग की शादी कानूनन अपराध है। इस पर स्वजन ने बेटी के बालिग होने के बाद शादी करने का लिखित में आश्वासन दिया। बाल कल्याण समिति ने किशोरी को स्वजन की सिपुर्दगी में देकर प्रत्येक 15 दिन पर पेश होने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, फेरे रुकवाने के बाद दूल्हा मंगलवार सुबह बरात के साथ खाली हाथ लौट गया। उसका कहना था कि वह लड़की के बालिग होने की प्रतीक्षा करेगा।  |