सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शहर में आटो और ई-रिक्शा रुट में प्रशासन की ओर से तय किये गए संख्या से ज्यादा चालकों ने आवेदन किया है। हर रुट में कई गुणा अधिक चालकों की ओर से रूचि लेने की वजह से कई सवाल खड़े हो गए हैं। इससे एक तरफ जहां आटो संघ परेशान है तो चालकों में डर व संशय की स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा चालकों ने रिजर्व में आटो और ई-रिक्शा चलाने में रूचि दिखाई है।
बुधवार को मुजफ्फरपुर आटो रिक्शा कर्मचारी संघ ने डीटीओ कुमार सतेंद्र यादव को रूटों में चलने वाले आटो और ई-रिक्शा की सूची सौंप दी। संघ के अध्यक्ष एआर अन्नू एवं महासचिव मो. इलियास इलू ने करीब 3357 आटो और ई-रिक्शा की सूची देते हुए डीटीओ को समस्याओं से भी अवगत कराया। संघ के अनुसार सबसे अधिक आवेदन रिजर्व में परिचालन को लेकर आए हैं।
संघ की ओर से दिए आवेदन और तय संख्या
- रिजर्व के लिए करीब 3000 से अधिक ने संघ के पास कागजात जमा किए है। जबकि, रिजर्व के लिए करीब 600 ही संख्या तय की गई है।
- जीरो माइल से स्टेशन तक परिचालन के लिए 900 ने रूचि दिखाई है, जबकि इस रुट के लिए 250 संख्या तय की गई है।
- स्टेशन से मरीन ड्राइव व ब्रह्मपुरा होते हुए बैरिया तक के लिए 800 से रूचि दिखाई है, जबकि 450 संख्या तय है।
- रामदयालु-कच्ची पक्की से स्टेशन तक रुट में करीब 1200 चालक आटो और ई-रिक्शा चलाना चाहते है जबकि तय संख्या 200 है।
- भगवानपुर से जेल चौक रुट में 900 आवेदन दिए, जबकि तय संख्या 300 है।
रिजर्व में शहर आने के लिए करीब 2000 ने दिए आवेदन
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से कभी कभार रिजर्व में शहर आने के लिए करीब 2000 ने आवेदन दिए। इसके साथ ही अधिकतर रूटों पर परिचालन के लिए तय संख्या से कई गुणा अधिक ने आवेदन दिए हैं। |
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