जागरण संवाददाता, लखनऊ। परिवहन विभाग राजधानी में वाहनों की निगरानी करने जा रहा है, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों को जागरुक करने के साथ ही चालान भी किया जाएगा। ऐसे ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बात करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। परिवहन अधिकारी गुरुवार को घंटाघर से अभियान शुरू करेंगे।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह एक जनवरी से चल रहा है। परिवहन विभाग ने शुरुआती सुस्ती के बाद रोडवेज बस स्टेशनों, ट्रक व टेंपो चालकों आदि को जागरूक करना शुरू किया था। अब दाेपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा। अभियान के तहत गुरुवार से नो हेलमेट नो फ्यूल, बिना हेलमेट, सीटबेल्ट व वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों को जागरूक करने के साथ चालान आदि की कार्रवाई भी होगी।
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया अभियान में अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन सहित अन्य अधिकारी भी सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामियों व चालकों का चालान करना उद्देश्य नहीं है बल्कि उन्हें सड़क की सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाएगा।
अब ओवरस्पीडिंग की सख्त होगी निगरानी
परिवहन विभाग ने सभी जिलों को इंटरसेप्टर वाहन मुहैया कराया है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह सितंबर को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, चार महीने बाद इन वाहनों का आवंटन हुआ और बुधवार को लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में इंटरसेप्टर का प्रशिक्षण दिया गया। बांदा, प्रयागराज, लखनऊ, अयोध्या, गोंडा व बस्ती मंडल के चालकों को कैमरा, गन और रडार का प्रशिक्षण दिया गया। इससे वाहनों की ओवरस्पीडिंग सहित अन्य सड़क का कानून तोड़ने की जांच और कार्रवाई आसानी से हो सकेगी। |