LHC0088 • The day before yesterday 20:57 • views 141
बजट 2026: इंश्योरेंस को सस्ता बनाने पर सरकार का जोर, ग्रामीण महिलाओं और किसानों को मिलेगा लाभ
राजीव कुमार, नई दिल्ली। वर्ष 2047 तक देश के सभी व्यक्ति को इंश्योरेंस के दायरे में लाने का प्रयास आगामी बजट (Union Budget 2026) में दिख सकता है। फरवरी में पेश होने वाले बजट में ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष इंश्योरेंस उत्पाद की घोषणा की जा सकती है जिसे जन-धन खाते से जोड़ा जा सकता है।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के तहत अब तक 55 करोड़ से अधिक बैंक खाते खुल चुके हैं और इन खातों में 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इंश्योरेंस उत्पाद को जन-धन खाते से अनिवार्य रूप से जोड़े जाने पर ये सभी महिलाएं इंश्योरेंस के दायरे में आ जाएंगी। सरकार जन सुरक्षा स्कीम को जन-धन खाते से जोड़ सकती है।बजट में सरकार इंश्योरेंस को सस्ता बनाने के लिए भी उपाय कर सकती है।
हाल ही में आरबीआई (RBI) ने इंश्योरेंस प्रीमियम की लागत अधिक होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इंश्योरेंस सेक्टर में डिजिटल व्यवस्था लाने का लाभ ग्राहकों को नहीं मिला। इंश्योरेंस की खरीदारी पहले की तरह ही महंगी है। गत सितंबर में सरकार ने हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस की खरीदारी पर लगने वाले जीएसटी को समाप्त कर दिया है, फिर भी एजेंटों के कमीशन अधिक होने से इंश्योरेंस की लागत अधिक बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें- PM Kisan Yojana: इस बार किसान योजना के लिए सरकार कितना जारी करेगी बजट, पिछले साल के आकंड़ों से समझें
इंश्योरेंस में एजेंट कमीशन को कम किया जा सकता है
सूत्रों के मुताबिक इंश्योरेंस उत्पाद पर एजेंट के कमीशन को कम किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक बजट में इंश्योरेंस सेक्टर में हो रही धोखाधड़ी पर लगाम के लिए भी उपाय किए जा सकते हैं। अभी इंश्योरेंस सेक्टर में अतिरिक्त लालच देकर (मिस-सेलिंग) उत्पादों को बेचने की शिकायत बड़ी संख्या में मिल रही है।
इन पर लगाम के लिए मजबूत तंत्र बनाने की घोषणा की जा सकती है या फिर नियामक प्राधिकरण को कहा जा सकता है। अभी विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए इंश्योरेंस बेचे जा रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन प्लेटफार्म वाले इंश्योरेंस की सुविधा नहीं दिला पा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- Budget 2026: MSME को सस्ता लोन, 2% ब्याज सबवेंशन वापस लाओ; बजट से पहले किसने कर दी ये बड़ी मांग?
बाढ़, लू और तूफान जैसे जोखिमों पर बढ़ेगा कवरेज
इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेश एवं सीईओ सुब्रता मोंडल ने बताया कि बजट में सरकार किसानों के फसल व जलवायु जोखिम बीमा फ्रेमवर्क को सुदृढ़ करने के लिए इनके मद में अधिक राशि का आवंटन कर सकती है। बाढ़, लू व चक्रवात जैसे जलवायु जोखिमों के लिए कवरेज बढ़ाने से किसानों को आवश्यक सुरक्षा मिलेगी।
हेल्थ इंश्योरेंस के सेक्टर में कंपनियों को उपयोग आधारित छोटे-छोटे उत्पाद लाने के लिए कहा जा रहा है। पालिसी बाजार के मुताबिक ग्राहक अब उपयोग आधारित उत्पादों की खरीदारी पर फोकस कर रहे हैं। तभी वर्ष 2025 में मेटरनिटी कवर खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या में वर्ष 2024 के मुकाबले 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। टियर-2 व टियर-3 शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस की मांग में 55 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। |
|