जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और मतांतरण के आरोप में फरार जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को आरोपित के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर आरोपित 30 दिनों के भीतर पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ तो पुलिस उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू करेगी। इसके लिए टीम आरोपित के गृह जनपद पीलीभीत और उत्तराखंड के खटीमा भी जाएगी।
केजीएमयू से पढ़ाई कर रही युवती ने डॉ. रमीजुद्दीन के खिलाफ दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और मतांतरण के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला प्रकाश में आने के बाद विभिन्न संगठनों ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था। चौक पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
आरोपित लगातार पुलिस को चकमा देकर अपने ठिकाने बदल रहा है। उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपित के खिलाफ धारा 82 के तहत नोटिस जारी हुआ है।
उत्तराखंड के खटीमा और पीलीभीत में उसके ठिकानों पर नोटिस चस्पा किया जाएगा। रमीज की संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अगर नोटिस जारी होने के 30 दिनों के भीतर वह पेश नहीं हुआ तो कुर्की की कार्रवाई होगी। पुलिस उसके मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। सर्विलांस टीम भी खोजबीन में जुटी है।
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