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डिफेसमेंट के आरोपों से जुड़े मामले में अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से राहत। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने (डिफेसमेंट) के आरोपों से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ दायर शिकायत का निस्तारण कर दिया है।
अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और पुलिस की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है।
अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट पर संज्ञान लिया
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने अपने आदेश में कहा कि द्वारका साउथ थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद चार दिसंबर को क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश की थी। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने भी यह स्वीकार किया है कि प्राथमिकी दर्ज हो जाने के बाद उसकी शिकायत में मांगी गई राहत पूरी हो चुकी है।
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अदालत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि वह क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध उचित उपाय, जैसे विरोध याचिका दायर कर सकता है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने शिकायत का निस्तारण कर दिया।
2019 में होर्डिंग लगाने का है मामला
इससे पहले अदालत ने द्वारका साउथ थाना प्रभारी को निर्देश दिया था कि वह सार्वजनिक स्थानों पर बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग लगाए जाने को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान मानते हुए संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत प्राथमिकी दर्ज करे। मामला वर्ष 2019 में द्वारका इलाके में कई स्थानों पर बैनर और होर्डिंग लगाए जाने से जुड़ा है।
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