search

जम्मू-कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा मादक पदार्थों का दुरुपयोग, डीआईजी मकसूद ने की लोगों से आगे आने की अपील

cy520520 2026-1-7 16:26:33 views 1126
  

डीआईजी मकसूद उल ज़मान ने वीपीएन के दुरुपयोग और सीमा सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की।



जागरण संवाददाता, श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक मकसूद उल ज़मान ने कहा कि आतंकवाद के बाद जम्मू और कश्मीर के सामने सबसे गंभीर आंतरिक खतरा मादक पदार्थों का दुरुपयोग है।

डीआईजी ने कहा कि उत्तरी कश्मीर पुलिस ने हाल के महीनों में अपने मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, कई तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की है और अवैध व्यापार में शामिल कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि आदतन और मुख्य अपराधियों को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी बुक किया गया है ताकि उन्हें समाज को और नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके। उन्होंने कहा, नशीली दवाओं का उन्मूलन केवल पुलिस का काम नहीं है। सामुदायिक भागीदारी भी जरूरी है। लोगों को आगे आना चाहिए और जानकारी साझा करनी चाहिए ताकि इस खतरे को जड़ से खत्म किया जा सके।
डिजिटल उपकरणों के गलत इस्तेमाल पर भी नजर रखी जा रही

ज़मान ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के दुरुपयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे डिजिटल उपकरणों का अक्सर आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए दुरुपयोग किया जाता है और इन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि इनका दुरुपयोग गंभीर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा करता है।

सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर उल ज़मान ने कहा कि नियंत्रण रेखा के निकट होने के कारण उत्तरी कश्मीर संवेदनशील बना हुआ है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी घुसपैठ के प्रयास को विफल करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और निरंतर निगरानी की जा रही है।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
162568