बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम। सोशल मीडिया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंकिता भंडारी मर्डर केस में बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस, आप और अन्य को बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी मर्डर केस से जोड़ना वाला कंटेंट पोस्ट करने पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने 24 घंटे के अंदर पोस्ट हटाने का निर्देश दिया है।
दुष्यंत कुमार गौतम के मानहानि के मुकदमे पर पास किए गए अंतरिम आदेश में, जस्टिस मिनी पुष्करणा ने दोनों राजनीतिक पार्टियों को मर्डर केस में कथित वीआईपी के तौर पर बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी को टारगेट करने वाला कोई भी कंटेंट पोस्ट करने से भी रोक दिया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने उर्मिला सनावर और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी समेत दूसरे लोगों और संस्थाओं के खिलाफ भी अंतरिम आदेश दिया है।
जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि गौतम ने अपने पक्ष में पहली नजर में केस बनाया है और अगर ‘बदनाम करने वाले’ कंटेंट की होस्टिंग पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पास नहीं किया गया, तो उन्हें ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
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जस्टिस ने साफ किया कि अगर 24 घंटे के अंदर कंटेंट नहीं हटाया गया, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नियमों के मुताबिक, उसे हटा देगा।
साल 2022 में पौड़ी जिले के वनतंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को बाद में गिरफ्तार किया गया और सेशन कोर्ट ने इस जुर्म के लिए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। |
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