नया आईफोन खरीदने की खुशी में मुरथल पार्टी करने गए तीन दोस्तों की मौत।
संवाद सहयोगी, बाहरी दिल्ली। नया आईफोन खरीदने की खुशी में मुरथल (सोनीपत) पार्टी करने गए सुल्तानपुरी के कृष्ण विहार के तीन दोस्तों की एनएच-44 पर नांगल खुर्द फ्लाईओवर पर सड़क हादसे में मौत की खबर के बाद स्वजन शोक में डूब गए। गली आई-15 में रहने वाले तीनों दोस्तों के शव मंगलवार शाम एक साथ कृष्ण विहार पहुंचे तो लोग बिलख पड़े। तीनों की एक साथ अंतिम यात्रा निकली और एक ही जगह अंत्येष्टि हुई।
दो युवक अपने-अपने परिवार में इकलौते थे। बताया जाता है कि मृतक दीपक ने पिछले मंगलवार को आईफोन खरीदा था, इसी खुशी में उसने अपने दोनों दोस्त मयंक व प्रतीक उर्फ तुषार के साथ मुरथल में पार्टी की योजना बनाई थी, लौटते समय तीनों हादसे के शिकार हो गए। मर्मस्पर्शी बात यह है कि बीते रविवार को मयंक के दादा की तेरहवीं थी, अगले दिन पोते की मौत की खबर आई। तीनों में बचपन से दोस्ती थी और एक साथ पढ़ाई करते थे।
कृष्ण विहार की गली आई-15 में सोमवार देर शाम उस समय मातम पसर गया, जब मयंक, दीपक और प्रतीक तुषार की मौत की खबर पहुंची। 20-21 वर्षीय तीनों दोस्त अपने-अपने घर से जल्द लौटने की बात कह कर निकले थे। मौत की खबर तीनों परिवार में चीख-पुकार मच गई। मयंक के चाचा अजय शर्मा ने बताया कि मयंक दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीकाम की पढ़ाई कर रहा था और छोटे-मोटे काम करके परिवार का गुजर-बसर भी करता था।
इस हादसे में सब कुछ बिखर गया। 23 दिसंबर को मयंक के दादा खेमचंद शर्मा का निधन हो गया था, चार जनवरी को तेरहवीं थी। अगले ही दिन हादसे में मयंक की जान चली गई। मयंक अपने परिवार का इकलौता सहारा था। परिवार में अब उसके माता-पिता व बहन है। मयंक का परिवार मूल रूप से मथुरा (उत्तर प्रदेश) जिले के बाजना गांव का रहने वाला है, अब लगभग 40 वर्ष से दिल्ली में रह रहा है।
दीपक के पिता सुगन चंद ने बताया कि बेटे ने पिछले मंगलवार को आईफोन खरीदा था। उन्हें नहीं मालूम कि वे फोन खरीदने की खुशी में पार्टी करने मुरथल गए थे। दीपक उन्हें यह कह कर गया था कि 10 मिनट में आ रहे हैं। अब उन्हें बताया गया कि तीनों दोस्त नए फोन की पार्टी करने मुरथल गए थे। सुगन चंद ने बताया कि मयंक के साथ ही दीपक भी बीकाम की पढ़ाई कर रहा था और सब्जी की दुकान में उनका हाथ भी बंटाता था। दीपक तीनों संतान में बड़े थे।
दीपक की बहन 11 वीं में पढ़ती है और छोटा भाई पांचवीं कक्षा का छात्र है। सुगन चंद मूल रूप से हाथरस (उत्तर प्रदेश) जिले के उगई गांव का रहने वाले हैं और लंबे समय से दिल्ली में रह रहे हैं। प्रतीक उर्फ तुषार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। प्रतीक के पिता का 10 वर्ष पहले निधन हो गया था। अब परिवार में मां और बहन हैं। |
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