कैसे होते हैं मूलांक 2 वाले? (Image Source: Freepik)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष (Numerology) की दुनिया में हर नंबर की अपनी एक ऊर्जा होती है। जहाँ नंबर 1 सूर्य की तरह तेज और नेतृत्व का प्रतीक है, वहीं मूलांक 2 (किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्मे लोग) चंद्रमा की शीतलता और धैर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। अक्सर लोग इनकी विनम्रता और शांत स्वभाव को इनकी कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह इनकी सबसे बड़ी \“साइलेंट पावर\“ है।
आइए जानते हैं मूलांक 2 वालों के व्यक्तित्व के उन अनछुए पहलुओं को, जो इन्हें भीड़ से अलग बनाते हैं।
चंद्रमा सा स्वभाव और असीमित धैर्य
अंक ज्योतिष के प्राचीन सिद्धांतों और \“कीरो\“ (Cheiro) जैसे महान विद्वानों की गणनाओं के अनुसार, मूलांक 2 का स्वामी \“चंद्रमा\“ है। जैसे चंद्रमा रात के घोर अंधेरे में भी अपनी चांदनी से सुकून देता है, वैसे ही इस मूलांक वाले लोग सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अपना आपा नहीं खोते। इनकी सबसे बड़ी खूबी इनका \“इमोशनल इंटेलिजेंस\“ है। ये दूसरों के मन की बात बिना कहे समझ लेते हैं। जहां बाकी लोग मुश्किल वक्त में घबराकर फैसले लेते हैं, वहीं नंबर 2 वाले लोग अपनी अंतरात्मा (Intuition) की आवाज सुनकर बड़ी ही शांति से रास्ता निकालते हैं।
मुश्किल वक्त में असली चमक
मनोवैज्ञानिक शोधों और व्यक्तित्व विश्लेषण (Personality Analysis) के सूत्रों के अनुसार, शांत स्वभाव वाले लोग अंदरूनी रूप से बेहद मजबूत होते हैं। मूलांक 2 के लोग \“दबाव\“ में टूटने के बजाय निखरते हैं।
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धैर्यवान रणनीतिकार: ये कभी दिखावे की ताकत में यकीन नहीं रखते। इनका काम करने का तरीका शांत होता है, लेकिन परिणाम बेहद प्रभावशाली।
सृजनात्मक शक्ति: मुश्किल दौर में इनका दिमाग नए आइडियाज और क्रिएटिविटी की तरफ भागता है, जो इन्हें एक बेहतरीन समस्या समाधानकर्ता (Problem Solver) बनाता है।
रिश्तों के जादूगर
पारंपरिक मान्यताओं और वैदिक अंक ज्योतिष के मुताबिक, मूलांक 2 वाले लोग बेहतरीन साथी और दोस्त साबित होते हैं। ये शांतिप्रिय होते हैं और विवादों से बचते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि ये झुक जाते हैं, बल्कि ये अपनी कोमलता से कठोर से कठोर इंसान को भी पिघलाने की ताकत रखते हैं।
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