लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन व आरती के लिए बनने वाले पास में दलालों की सेंधमारी हो गई है। ट्रस्ट के बुकिंग खोलने के उपरांत कुछ मिनटों में ही 15 दिन पहले तक के पास ऑनलाइन बुक कर लिए जा रहे हैं। वर्तमान में ट्रस्ट की वेबसाइट पर 20 जनवरी तक के पास बुक प्रदर्शित हो रहे हैं। इससे सामान्य दर्शनार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आशंका जताई जा रही है कि होटल व होम स्टे संचालक या दलाल इस सुविधा के माध्यम से पास बुक करके इन्हें बेच रहे हैं। दूसरी ओर ऑफलाइन पास के लिए भी इन दिनों मारामारी की स्थिति है। दोनों यात्री सेवा केंद्रों पर लाइन लगाने के बाद भी श्रद्धालुओं को पास नहीं मिल रहे हैं। दर्शनार्थी बताते हैं, सेवा केंद्र से कहा जाता है कि पास समाप्त हो गए हैं।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत से ही दर्शन व आरती पास बनाए जा रहे हैं। ये पास ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बनते हैं। ऑनलाइन पास दर्शनार्थियों को ट्रस्ट की अधिकृत वेबसाइट (https://srjbtkshetra.org) से स्वयं या साइबर कैफे से बुक करना होता है, जबकि ऑफलाइन दर्शन पास ट्रस्ट के दोनों सेवा केंद्रों के अतिरिक्त ट्रस्ट पदाधिकारियों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की संस्तुति पर बनाए जाते हैं।
ट्रस्ट ने दो-दो घंटे के सात दर्शन स्लाट निर्धारित किये हैं। ये स्लाट सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक के हैं। मध्याह्न में 11 से 12 बजे का स्लाट एक घंटे का ही है। रामलला की तीन आरतियाें मंगला, श्रृंगार व शयन के लिए पास केवल ट्रस्ट पदाधिकारियों की संस्तुति या सेवा केंद्रों पर भौतिक उपस्थिति के आधार पर बनते हैं।
आरती पास वेबसाइट से भी बुक होता है। ट्रस्ट प्रतिदिन प्रत्येक स्लाट में लगभग तीन-तीन सौ दर्शन पास जारी करता है, जबकि तीनों आरती के लिए 75-75 पास जारी किए जाते हैं।
वेबसाइट से बुकिंग 15 दिन पहले और ऑफलाइन माध्यम से छह दिन पहले होती है। आठ दर्शनार्थियों पर केवल एक पहचान पत्र (आधार कार्ड या पासपोर्ट) की अनिवार्यता के चलते दलाल या होटल-होम स्टे संचालक इसका लाभ उठा रहे हैं।
वे पहले ही किसी व्यक्ति के नाम पर पास बुक कर लेते हैं और बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों के साथ कर्मी को दर्शन के लिए भेज कर धन वसूल रहे हैं। इसी कारण जब भी कोई दर्शनार्थी वेबसाइट से पास बुक करना चाहता है, तो अमुक तारीख के पास अनएवलेबल (अनुपलब्ध) प्रदर्शित होते हैं।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार, प्रतिदिन सुबह छह बजे तत्काल ऑनलाइन बुकिंग खुलती है, परंतु कुछ मिनटों में ही पास बुक हो जाते हैं। यात्री सेवा केंद्रों पर केवल 15 आरती पास दिए जाते हैं, वह भी एक दिन पहले ही खत्म हो जाते हैं। दिव्यांग, वयोवृद्ध व गर्भवती महिलाओं को भी दर्शन पास के लिए समस्या झेलनी पड़ती है। |
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