एनआईए जम्मू के विशेष न्यायाधीश ने कहा कि यह संपत्ति मुकदमे के अंतिम निपटारे तक कुर्क रहेगी।
जेएनएफ, जम्मू। विशेष न्यायाधीश एनआइए जम्मू प्रेम सागर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की अर्जी को स्वीकार करते हुए आरोपी तनवीर अहमद वानी उर्फ बरदाना से जुड़ी एक अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत की गई है।
न्यायालय ने 3 कनाल और 4 मरला भूमि, जो पुलवामा जिले के राजपोरा तहसील के अभामा और ड्राकलारुन एस्टेट में स्थित है, को आरोपित के हिस्से की सीमा तक कुर्क करने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश में कहा गया कि मुकदमे के अंतिम निपटारे तक यह भूमि कुर्क रहेगी और इसकी खरीद फरोख्त नहीं की जा सकेगी।
एनआइए की ओर से विशेष लोक अभियोजक केएस पठानिया ने अदालत को बताया कि यह मामला 11 जनवरी 2020 का है, जब श्रीनगर–जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलगाम के मीर बाजार पुलिस पोस्ट के पास अल-स्टाप नाका पर एक हुंडई आइ-20 कार (जेके03एच-1738) को रोका गया था।
तलाशी के दौरान हथियार-गोलाबारूद हुआ बरामद
तलाशी के दौरान कथित तौर पर एक एके-47 राइफल, तीन पिस्तौल और एक हैंड ग्रेनेड सहित हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस स्टेशन काजीगुंड, कुलगाम में मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया। एनआइए का आरोप है कि आरोपित तनवीर अहमद वानी, जो कथित तौर पर एलओसी ट्रेडर्स एसोसिएशन का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है, के पाकिस्तान में हिज्ब से संबंध थे।
यही नहीं उसने सह-आरोपियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए साजिश रची। एजेंसी के अनुसार आरोपित ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के लिए धन जुटाने, धन प्राप्त करने और स्थानांतरित करने में शामिल था। |
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