जागरण संवाददाता, रायबरेली। मिल एरिया पुलिस चोरी के एक मामले में तीन श्रमिकों की अमावां चौकी ले आई। इस दौरान एक श्रमिक की हालत बिगड़ गई। पुलिस ने परिवारजन को मामले की जानकारी दी और श्रमिकों को छोड़ दिया।
पीड़ित श्रमिकों ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आक्रोशित परिवारजन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमिक को लेकर उच्चाधिकारियों के पास शिकायत के लिए निकले।
आरोप है कि रास्ते में मनबढ़ों ने उनका रास्ता रोक लिया। नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और श्रमिक को अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा।
यह है पूरा मामला
चंदापुर निवासी नीरज शुक्ला की अमावां कस्बे में किराना की दुकान है। शुक्रवार की रात उनकी दुकान में चोरी हो गई थी। बताया जा रहा है कि पूरे सरदार निवासी रिंकू, श्यामू व राजेश श्रमिक हैं और दो दिन पूर्व नीरज की दुकान के पास निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे।
श्यामू का कहना है कि शनिवार को पुलिस उन्हें, रिंकू व राजेश को शक के आधार पर अमावां चौकी ले गई। आरोप है कि चौकी में तैनात एक सिपाही ने कमरे में बंद कर उन्हें मारा पीटा। श्यामू का कहना है कि रिंकू का स्वास्थ्य पहले से ही सही नहीं था, पुलिस की पिटाई से उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें छोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को रिंकू के साथी उसे उपचार के लिए ले जा रहे थे तो कुछ मनबढ़ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। मामले की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। मौके पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी ने पुलिसकर्मी पर श्रमिक की पिटाई व मनबढ़ों द्वारा रास्ता रोके जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद रिंकू को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि चोरी के एक मामले में रिंकू, श्याम व राजेश को अमावां पुलिस चौकी बुलाया गया था। तबीयत बिगड़ने पर रिंकू को उपचार के लिए भेजा गया है। पुलिस पर लगाए जा रहे मारपीट के आरोपों की क्षेत्राधिकारी नगर से जांच कराई जा रही है। |
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