राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में ओडिशा की तर्ज पर स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) की स्थापना की जाएगी। जिससे प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के प्रबंधन में सुधार हो सके।
राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से ओडिशा के राहत विभाग के अधिकारियों के साथ इमरजेंसी सेंटर की कार्यप्रणाली, संरचना और तकनीक के बारे में चर्चा की। इससे प्रदेश में बनने वाले एसईओसी को अधिक प्रभावी, सक्षम और आधुनिक बनाया जा सके।
राहत आयुक्त ने बादल फटने, शीत लहर, सूखा, भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, डूबने की घटनाएं, लू, आकाशीय बिजली जैसी आपदाओं के पूर्वानुमान, त्वरित प्रतिक्रिया, अंतर विभागीय समन्वय, सूचना प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता, समुदाय स्तर पर जागरूकता के बारे में विचार साझा किए।
ओडिशा के अधिकारियों ने एसईओसी की संरचना, 24 घंटे सातों दिन संचालन प्रणाली, आईटी आधारित निर्णय समर्थन प्रणाली, रियल टाइम डेटा विश्लेषण, अलर्ट एवं चेतावनी तंत्र, फील्ड स्तर पर समन्वय की सफल कार्यप्रणालियों की जानकारी दी।
ऋषिकेश भास्कर ने डिजाइन, प्रक्रियाओं के मानकीकरण (एसओपी), प्रशिक्षण, माक ड्रिल, डिजिटल प्लेटफार्म के एकीकरण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक विश्वस्तरीय, तकनीकी, सक्षम और समन्वित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो कि आपदा के पूर्व, दौरान और बाद में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा।
इससे जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ओडिशा के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र में संचालित एसईओसी की कार्यप्रणाली को भी समझा जाएगा। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के निर्माण व संचालन में तकनीकी सुझाव के लिए केपीएमजी को परियोजना प्रबंधन इकाई के रूप में स्थापित किया गया है। उसके सुझाव और अध्ययन के आधार एसईओसी का निर्माण होगा l |