LHC0088 • 1 hour(s) ago • views 339
मिट्टी ले जाता डंपर। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर से देहात की सड़कों पर रात 10 बजते ही डंपरों की बेलगाम रफ्तार खौफ पैदा करती है। सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालक इनके रफ्तार से दुर्घटना का शिकार हो जाते है। कई बार डंपर चालक कार या बाइक को रगड़ते हुए चलते हैं और ठोकर मारने के बाद मौके से फरार हो जाते हैं। 80 और 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चालक बिना ब्रेक दबाए चौराहे और मोड़ को पार करते है। ऐसे में दूसरे वाहन चालक खुद न बचे तो ये टक्कर मारते हुए आगे बढ़ जाएंगे।
हर दूसरे या तीसरे दिन साइकिल या बाइक सवार इनकी चपेट में आकर घायल होता और काल के गाल में समा जाता। रात के समय फर्राटा भरने वाले इन डंपरों पर नंबर प्लेट नहीं होने या मिट्टी की मोटी परत जमा होने से नंबर पहचानना मुश्किल होता, जिसका फायदा उन्हें दुर्घटना के बाद मिलता है। अगर कभी ये पकड़े भी जाते तो खनन माफिया के सिंडिकेट से जुड़े होने से उन्हें कोई डर नहीं होता।
हादसे के कुछ ही देर में इनके समर्थन में मनबढ़ पहुंचते हैं और पुलिस के पहुंचने से पहले दबंगई दिखाते हैं और डंपर लेकर फरार हो जाते हैं। यह सबकुछ तब हो रहा जब प्रशासन, आरटीओ और पुलिस ने ओवरस्पीड डंपरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का बार-बार दावा किया हो, लेकिन इनकी जानलेवा रफ्तार पर अंकुश नहीं लगा।
जिस समय से डंपरों की रफ्तार सड़कों पर शुरू होती है, उस समय दूर-दराज से आने वाले या विभिन्न कार्यों से बाहर निकले आमजन घर की तरफ जाते है। लेकिन, चक्कर पूरा करने की कोशिश में चालक मिट्टी लादकर या खाली कर एक ही रफ्तार में डंपर को दौड़ाता है।
दो दिन पहले इसी रफ्तार ने कैंपियरगंज में बरात गए एक युवक की जान ले ली। किसी तरह से लड़की की शादी हुई। लेकिन घटना के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया और पुलिस ने खनन स्थल पर खड़े दूसरे डंपर को पकड़कर कार्रवाई का कोरम पूरा किया।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर के गीडा के उद्योगों पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ का करंट, उत्पादन लागत में भारी वृद्धि
नाबालिग के हाथों में होती है स्टेयरिंग
रात के अंधेरे में खनन का अवैध धंधा परवान चढ़ता है। इसमें अधिकतर डंपरों की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में होती है तो कुछ बिना लाइसेंस के ही डंपर व ट्रैक्टर-ट्राली चलाते है। गाड़ी पर बैठने के पहले ही ठीकेदार या गाड़ी मालिक द्वारा चालकों को चक्कर का ठीका दे दिया जाता है। जिसे पूरा करने में कभी-कभी नाबालिग मोड़ पर तेज गति में स्टेयरिंग घुमाते और उनकी गाड़ी पलट जाती। जबतक इसकी सूचना पुलिस को पहुंचती तब तक खनन माफिया के सिंडिकेट चालक को वहां से गायब कर देते।
इन जगहों पर दौड़ रहे डंपर
वैध और अवैध खनन की मिट्टी लेकर डंपर जिले के चारों तरफ फर्राटा भर रहे है। इसमें भी सबसे अधिक शहरी क्षेत्र में नौसढ़, राजघाट पुल से तारामंडल बाइपास, पैडलेगंज, असुरन रोड, गोरखनाथ मार्ग और कोतवाली क्षेत्र में इनके फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में चिलुआताल, पीपीगंज, कैंपियरगंज खोराबार, बेलीपार, गीडा, नौसढ़, मोहरीपुर–सिहोरवा मार्ग और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी सड़कों पर शाम होते ही इनकी रफ्तार शुरू होती और सुबह छह बने तक बनी रहती है। |
|