पुलिस गिरफ्त में आरोपित।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। फर्जीवाड़ा कर स्वजन को पार्टनर और खुद चेयरमैन बनने वाले आरोपित को सिरसागंज पुलिस ने दो वर्ष बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने सांठगांठ कर पूर्व जांच अधिकारी से मामले में फाइनल रिपोर्ट लगवा ली थी। पीड़ित ने कोर्ट की शरण लेकर पुन: जांच की मांग की थी। एसएसपी ने मामले की जांच रसूलपुर के अपराध निरीक्षक को सौंपी थी।
पूर्व में जांच अधिकारी ने मामले में लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट
पीड़ित अवनीश कुमार निवासी नगला फौजी पोस्ट तिलियानी ने 10 जुलाई 2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि बीएसए कोल्ड स्टोर प्राइवेट लिमिटेड करौरा रोड वह और उसका साला सुंदर सिंह डायरेक्टर थे। कोल्ड स्टोर आरओसी (रजिस्ट्रार आफ कंपनीज) कानपुर में पंजीकृत है। सुंदर सिंह अभिलेखों में हेराफेरी कर उसे डायरेक्टर पद से हटाने की साजिश रचने लगा।
24 सितंबर 2022 को बोर्ड की मीटिंग दर्शाकर बोर्ड में अपनी पत्नी राजाबेटी, बेटे विकास यादव, उसके भाई अरविंद, दीक्षा यादव को डायरेक्टर नियुक्त कर लिया। फिर फर्जी हस्ताक्षर कर लिए। इसके बाद वह खुद बोर्ड का चयरमैन बन गया। जबकि बोर्ड में चेयरमैन जैसा कोई पद ही नहीं है।
पीड़ित ने ली थी कोर्ट की शरण, रसूलपुर थाने से हुई पुन: जांच
पीड़ित का आरोप था कि तत्कालीन जांच अधिकारी से मिलकर आरोपित सुंदर ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। तब उसने न्यायालय के शरण ली और एसएसपी से फरियाद की। एसएसपी ने मामले की जांच रसूलपुर थाने के अपराध निरीक्षक मोहम्मद हारून को सौंपी थी।
सिरसागंज थानाध्यक्ष वैभव शर्मा ने बताया कि आरोपित को शनिवार रात पैगू रोड स्थित आर्य नगर से पकड़ा है। वह काफी समय से फरार चल रहा था। |