जीएमसीएच के ईएनटी विभाग में नया हियरिंग डिवाइस एक्टिव किया, जिससे महिला सुनने लगी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कई वर्षों से सुनने की समस्या झेल रही फतेहगढ़ साहिब के एक गांव की शिक्षिका के लिए मंगलवार का दिन जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ। सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल (जीएमसीएच) के ईएनटी विभाग में जब उनका नया हियरिंग डिवाइस एक्टिव किया गया, तो उन्होंने अपने परिवार की आवाज पहली बार इतनी साफ सुनी।
शिक्षिका लंबे समय से कक्षा में पढ़ाते समय परेशानी महसूस कर रही थीं। बच्चों की धीमी आवाज, स्टाफ रूम की बातचीत और रोजमर्रा के संवाद उनके लिए चुनौती बन गए थे। पारंपरिक हियरिंग मशीनें भी उन्हें राहत नहीं दे पा रही थीं।
डाॅक्टरों की सलाह पर एक महीने पहले उनकी ओसिया-3 बोन एंकर सर्जरी की गई। यह सर्जरी ईएनटी विभाग के डाॅ. सुरिंदर के. सिंगल और उनकी टीम ने की। इस प्रक्रिया में डिवाइस को हड्डी से जोड़ा जाता है, जो आवाज को सीधे अंदरूनी कान तक पहुंचाता है।
इससे कान के खराब हिस्से को बायपास कर साफ सुनाई देने में मदद मिलती है। चार हफ्ते बाद जैसे ही डिवाइस को चालू किया गया तो शिक्षिका ने कहा कि मुझे अब सब कुछ साफ सुनाई दे रहा है। एक शिक्षक के लिए सुन पाना ही सबसे बड़ी ताकत है।
डाॅ. सिंगल ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से कंडक्टिव, मिक्स्ड हियरिंग लास और सिंगल साइडेड डेफनेस के मरीजों के लिए कारगर साबित हो रही है।
इन मरीजों को मिलता है फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को कंडक्टिव या मिक्स्ड हियरिंग लास की समस्या होती है और जिन्हें सामान्य हियरिंग एड से लाभ नहीं मिलता, उनके लिए यह तकनीक प्रभावी विकल्प है।
इससे मरीजों की रोजमर्रा की जिंदगी और आत्मविश्वास दोनों में सुधार आता है। डाॅक्टरों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के कारण अब ऐसे मरीजों को स्थायी और बेहतर समाधान मिल रहा है, जो लंबे समय से सुनने की परेशानी से जूझ रहे हैं।  |