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गुरुग्राम की सड़कों के लिए 470 करोड़ का मेगा क्लीन-अप प्लान, 3800 किलोमीटर लंबी सड़कें होंगी धूल-मुक्त

deltin33 4 day(s) ago views 158
  

साइबर सिटी की सड़कों पर इस तरह उड़ती रहती है धूल। जागरण



संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। लगातार बिगड़ते वायु गुणवत्ता इंडेक्स (एक्यूआइ) और सड़कों से उड़ती धूल पर लगाम कसने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने अब तक की सबसे बड़ी सफाई योजना को अंतिम रूप दे दिया है।

शहर की लगभग 3800 किलोमीटर लंबी सड़कों को धूल-मुक्त बनाने के उद्देश्य से निगम ने 470 करोड़ रुपये का संशोधित प्रशासनिक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत सड़क सफाई को पूरी तरह मशीनीकरण, जोन-आधारित निगरानी और निजी एजेंसियों की जवाबदेही से जोड़ा गया है ताकि सफाई सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी नजर आए।

इस बार निगम ने सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए पूरे शहर को चार अलग-अलग वित्तीय क्लस्टर्स में बांट दिया है। प्रत्येक जोन में मैनुअल और मैकेनाइज्ड सफाई का कार्य एक ही निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। बजट आवंटन सड़क की लंबाई, जनसंख्या और क्षेत्रफल को ध्यान में रखकर किया गया है।
मशीनों की कमी होगी दूर, रात में दोगुनी रफ्तार से होगी सफाई

नगर निगम के आकलन में सामने आया है कि शहर की करीब 1400 किलोमीटर सड़कें ऐसी हैं जहां मशीन से सफाई बेहद जरूरी है लेकिन फिलहाल निगम के पास केवल 18 रोड स्वीपिंग मशीनें उपलब्ध हैं। इस अंतर को पाटने के लिए निगम ने 39 नई रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने का फैसला किया है। इसमें 20 बड़ी और चार मध्यम श्रेणी की अत्याधुनिक मशीनें होगी जिनकी अनुमानित लागत करीब 29.6 करोड़ होगी।
ये होंगे फायदे

  • रात के समय होने वाली मैकेनाइज्ड स्वीपिंग की क्षमता होगी दोगुनी
  • बाजार और पर्यटन क्षेत्रों में मल्टी-शिफ्ट सफाई
  • प्रस्ताव में भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए विशेष रणनीति तय की गई है।
  • सदर बाजार, सोहना चौक जैसे क्षेत्रों में दिन में एक बार के बजाय कई शिफ्टों में सफाई
  • शनिवार और रविवार को अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती अनिवार्य
  • तेज कचरा उठान-हर 30 सफाईकर्मियों की टीम को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, ताकि कूड़ा सड़कों पर जमा न रहे

स्वच्छता, स्वास्थ्य और रैंकिंग—तीनों पर नजर

नगर निगम के मुताबिक यह 470 करोड़ रुपये का निवेश केवल सड़क साफ करने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा संबंध स्वच्छ भारत मिशन, शहर की स्वच्छता रैंकिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य से है।

वर्तमान में निगम के पास 4,904 सफाई कर्मचारी हैं, लेकिन मशीनों की कमी के कारण धूल उड़ना बड़ी समस्या बनी हुई है, जो सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा रही है। अधिकारियों का दावा है कि योजना लागू होते ही सड़कों पर धूल में कमी आएगी, एक्यूआइ सुधार की दिशा में ठोस असर दिखेगा, श्वास रोगों के मामलों में गिरावट की उम्मीद होगी।
गुरुग्राम सफाई योजना एक नजर में

  • कुल प्रस्तावित बजट: 470 करोड़
  • सड़कों की कुल लंबाई: 3800 किमी
  • नई मशीनें: 39 रोड स्वीपिंग मशीनें
  • सफाई कर्मचारी: 4,904
  • घर-घर कचरा कलेक्शन वाहन: 400

जोन-वार प्रस्तावित खर्च

  • जोन-1: 145.5 करोड़
  • जोन-2: 64.2 करोड़
  • जोन-3: 81.8 करोड़
  • जोन-4: 179.4 करोड़ (बड़ा इलाका होने कि वजह से)


सड़कों की मशीनी और मैनुअल सफाई के लिए पांच साल का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू होगी।


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सुंदर श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम
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