बिहार के लखीसराय अंतर्गत अशोकधाम में मोरानी बाबू ने भगवान शिव की पूजा की। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने किया उद्धाटन।
संवाद सहयोगी, लखीसराय।ऋषि श्रृंगी की पावन धरती लखीसराय के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल अशोकधाम में शनिवार को कथावाचक मोरारी बापू की नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र तथा एसपी अजय कुमार के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र का संचालन अभिषेक कनोडिया ने किया।
कथावाचक मोरारी बापू ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक अनुशीलन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन के सत्य, मर्यादा, करुणा और सेवा भाव जैसे मूल्यों को समझने और आत्मसात करने का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि रामकथा का श्रवण करने से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानव जीवन में नैतिक चेतना का विकास होता है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा, श्रीराम कथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का आधार है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। मोरारी बापू जैसे संतों के मुख से राम कथा का श्रवण करना सौभाग्य की बात है और ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा तथा नैतिक चेतना का विकास होता है।
जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने कहा कि अशोकधाम मंदिर न केवल लखीसराय बल्कि पूरे राज्य में आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती देते हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
इस अवसर पर फिल्मकार रविराज पटेल ने लखीसराय जिले के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के महत्व पर प्रकाश डाला और रामकथा को मानव जीवन में सदाचार, करुणा और सेवा भाव से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम में अशोकधाम मंदिर ट्रस्ट के सचिव डाक्टर कुमार अमित, डाक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा, राजेंद्र सिंघानिया, नवल कनोडिया सहित जिले के अनेक प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे।
इससे पहले मोरारी बापू ने पहली बार अशोकधाम मंदिर में भोलेनाथ के विशाल शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा लखीसराय जिले की धरोहर पर आधारित तैयार काफी टेबल बुक की सराहना की और आगे भी अच्छे कार्य करने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने इस अंग्रेजी काफी टेबल का हिंदी अनुवाद भी प्रकाशित कराने को कहा ताकि आमजन भी यहां के इतिहास को आसानी से समझ और जान सके।
मोरारी बापू ने कथा को मानस श्रृंगीऋषि के नाम किया समर्पित
अशोकधाम में शनिवार की शाम नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय कथा वाचक मोरारी बापू ने रामायण और रामचरित्र मानस की महिमा का विस्तार से बखान किया। कथा शुरू करने से पहले उपस्थित श्रोताओं को रामचरित्र मानस ग्रंथ की महिमा के बारे में बताते हुए मोरारी बापू ने कहा कि रामचरितमानस ग्रंथ महाकाव्य नहीं बल्कि यह विश्व के लिए महामंत्र है। उन्होंने कहा कि रामायण और रामकथा के बारे में सभी लोग जानते हैं। उन्होंने राष्टपिता गांधी का जिक्र करते हुए कहा उन्होंने कहा था कि रामायण और महाभारत के बारे में जो व्यक्ति नही जानता है उसे भारतीय होने का अधिकार नही है।
मोरारी बापू ने लखीसराय की धरती को ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भूमि बताते हुए ब्यासपीठ से प्रणाम किया और उन्होंने नौ दिवसीय रामकथा को मानस श्रृंगीऋषि के नाम से समर्पित करने की घोषणा की। रामकथा का प्रारंभ उन्होंने रामचरित्र मानस के बाल खंड की चौपाई श्रृंगी ऋषि वशिष्ठ बुलावा, पुत्रकाम शुभ जग कराबा, भगत सहित मुनि आहुति दीन्हें, प्रकट अग्नि चरु कर लीन्हें-- से करते हुए कहा कि राजा दशरथ निः संतान थे। और उन्हें संतान की लालसा थी। आचार्य वशिष्ठ ने श्रृंगीऋषि को बुलाया और उनसे पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। जिससे राजा दशरथ को चार पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न की प्राप्ति हुई।
रामचरितमानस महाकाव्य ग्रंथ नही विश्व के लिए महामंत्र है : मोरारी बापू
मोरारी बापू ने कहा कि यह चौपाई राजा दशरथ के पुत्र विहीन होने की पीड़ा और वशिष्ठ जी के मार्गदर्शन से यज्ञ के माध्यम से संतान प्राप्ति की कथा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अगर श्रृंगीऋषि नही होते तो राजा दशरथ की संतान प्राप्ति का सपना पूरा नही होता।मोरारी बापू ने कहा कि बिहार में यह उनकी 18 वीं रामकथा है। इससे पहले वे सिमरिया, पटना आये थे। उन्होंने कहा कि अशोकधाम में आयोजित रामकथा का आस्था चैनल के माध्यम से 170 देश के लोग बिहार की इस गौरव कथा का लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए श्रोताओं से विशेष सावधानी बरतते हुए कथा श्रवण करने की अपील किया। मोरारी बापू ने बिहार की गौरव गाथा की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में हम जहां भी रामकथा करते हम बिहारी शब्द लेकर ही कथा शुरू करते हैं। उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई मंगल भवन अमंगल हारी द्रवद सुदसरथ अमिट बिहारी की चर्चा की। कथा के पहले दिन मोरारी बापू ने रामकथा के सात सौपान के बारे में विस्तार से बताया। जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र, एसपी अजय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी एवं अशोकधाम मंदिर ट्रस्ट के लोग अपने परिवार के साथ कथा का श्रवण किया। |