आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए सुनहरा मौका (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के बीएएमएस (BAMS) डिग्रीधारी युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर खुल गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
आयोग का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और आयुष औषधालयों में योग्य आयुर्वेद चिकित्सकों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करना है। MPPSC ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। भर्ती में केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से बीएएमएस उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पात्र माना जाएगा।
योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सुव्यवस्थित ढंग से परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में दक्ष और प्रशिक्षित चिकित्सकों को मौका मिल सके।
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लंबे इंतजार के बाद जगी उम्मीद
इस फैसले का नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने स्वागत किया है। नीमा छात्रसंघ के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि MPPSC द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती का निर्णय सराहनीय है। यह कदम आयुर्वेद स्नातकों के लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को समाप्त करेगा और प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धति को नई मजबूती देगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल युवाओं के करियर के लिए अहम है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद की भूमिका को भी और प्रभावी बनाएगा। |