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बदायूं का फर्जी प्रमाण पत्र मामला: लिपिक को चौकीदार बनाया, वेतन वसूली का आदेश

LHC0088 2025-12-20 16:07:49 views 1232
  

सांकेतिक तस्वीर।



संवाद सूत्र, उझानी। नगर पालिका परिषद उझानी में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र का मामला सामने आने पर न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने निलंबित वरिष्ठ लिपिक नफीस अहमद सैफी को लिपिक पद से पदावनत करते हुए उनके पूर्व पद चौकीदार पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही वर्ष 2012 से लिपिक पद पर लिया गया वेतन उनसे रिकवरी किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
फर्जी प्रमाण पत्रों की शिकायत की जांच के बाद उझानी पालिकाध्यक्ष द्वारा की गई कार्रवाई


यह कार्रवाई समाजसेवी सिपट्टर सिंह द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई। उन्होंने नफीस अहमद सैफी के इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को फर्जी बताते हुए पालिका प्रशासन से शिकायत की थी। लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर समाजसेवी ने न्यायालय की शरण ली।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने दस दिन के भीतर प्रमाण पत्रों की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। जांच के दौरान दयानंद इंटर कॉलेज, भरतौली, एटा के नाम से जारी इंटरमीडिएट प्रमाण पत्रों का सत्यापन जिला विद्यालय निरीक्षक, एटा द्वारा किया गया।
जांच में सामने आया मामला

जांच में सामने आया कि वर्ष 2011 में उक्त विद्यालय से कोई व्यक्तिगत छात्र पंजीकृत नहीं था। इसके अलावा अंकपत्र पर दर्ज अनुक्रमांक पर यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अन्य जनपद का परिणाम प्रदर्शित हो रहा था। प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने इसे गंभीर कृत्य बताते हुए पालिका नियमों के विरुद्ध करार दिया। पालिकाध्यक्ष ने 12 दिसंबर के आदेश के अनुपालन में यह दंडात्मक कार्रवाई की है।
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