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भोपाल मेट्रो: 16 साल का सफर, अब साकार हुआ सपना

Chikheang 2025-12-20 07:36:01 views 560
  

भोपाल मेट्रो का ट्रायल रन।  



डिजिटल डेस्क, भोपाल। यात्रीगण कृपया ध्यान दें .... एम्स मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर भोपाल मेट्रो आपके पहले सफर के लिए तैयार है। 21 दिसंबर से आप बड़े महानगरों की तरह भोपाल में भी मेट्रो के सफर का आनंद ले सकेंगे। हालांकि, यह अभी शुरुआत है, लेकिन लोगों की खुशी और राजधानी के विकास को अब पंख लगने जा रहे हैं। धीरे-धीरे हमारी मेट्रो समृद्ध होती जाएगी और पूरा भोपाल जिला व आसपास के क्षेत्र मेट्रो से जुड़ जाएंगे। इससे शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। हम भी शान से कह सकेंगे हमारा शहर दिल्ली-मुंबई से कम नहीं है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
2009 से अब तक का सफर

मेट्रो प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2009 में की गई थी। 2011 में डीपीआर बनाने के आदेश हुए और 2018 में पहला वर्क आर्डर हुआ। करीब आठ साल बाद भोपाल मेट्रो की सौगात जनता को मिलने जा रही है। जबकि एमपी मेट्रो कारपोरेशन ने भोपाल और इंदौर में एक साथ मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू किया, लेकिन यहां भी इंदौर ने पहले ही बाजी मारी।

करीब सात महीने पहले इंदौर में मेट्रो का लोकार्पण हो चुका है। अब बारी भोपाल मेट्रो की है जिसका लोकार्पण 20 दिसंबर को यानी आज होगा और 21 दिसंबर से शहर की जनता इसमें सफर कर सकेगी। चूंकि हम बात कर रहे हैं प्रोजेक्ट के उतार-चढ़ाव की यहां हम आपको बता दें कि प्रोजेक्ट निर्माण में धीमी गति और कई विभागों के बीच समन्वय की कमी, बार-बार प्रबंधन में बदलाव और कोविड-19 के दौर से भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट होकर गुजरा है।
कोविड 19 ने लगाया काम पर पहला ब्रेक

ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कारिडोर के साथ भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का काम 2019 में शुरू हुआ। इस काम को 2022 में पूरा किया जाना था, लेकिन कोविड-19 के कारण प्रोजेक्ट का काम 2020 में पूरी तरह ठप रहा। ऐसा ही कुछ हाल 2021 का रहा, लेकिन साल के अंत में प्रोजेक्ट का काम दोबारा शुरू किया गया, लेकिन लेबर के नहीं मिलने के कारण काम लगातार पिछड़ता गया।
मिले मजदूर, लेकिन समय पर नहीं पहुंची मशीन

जैसे-तैसे 2022 में मेट्रो प्रोजेक्ट के काम के लिए मजदूर मिले। इसके बाद प्रोजेक्ट के काम ने रफ्तार पकड़ी। हालांकि, इस बीच में कभी मशीनों की दिक्कत तो कभी लेबर की, लेकिन इस दौरान तक प्रायोरिटी कारिडोर के पिलर खड़े हो गए थे। गर्डर रखे जा चुके थे। पटरियों को बिछाने का काम चला। कुल मिलाकर सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति मेट्रो रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड कारिडोर का 70 फीसद काम हो चुका था।
फिर आया चुनाव का प्रेशर, 3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल रन

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रेशर को भी झेलना पड़ा। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले 3 अक्टूबर 2023 को पहला मेट्रो का ट्रायल रन लिया। इस दौरान उन्होंने सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में बैठकर सफर किया। तब मुख्यमंत्री ने इसको अप्रैल-मई 2024 तक शुरू करने की बात कही थी।
प्रायोरिटी कारिडोर की 3.4 किमी बढ़ाई लंबाई

तत्कालीन मुख्यमंत्री के सफर करने के बाद प्रायोरिटी कारिडोर की लंबाई बढ़ाई गई। पहले मेट्रो सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन तक करीब 4 किलोमीटर चलाई जानी थी, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट की लंबाई को एम्स मेट्रो स्टेशन तक 3.4 किलोमीटर तक और बढ़ा दिया गया। इस वजह से इस प्रायोरिटी कारिडोर की लंबाई 7.4 किलोमीटर है।
सबसे धीमा हुआ स्टील ब्रिज का काम

प्रायोरिटी कारिडोर अब सुभाष नगर से एम्स तक हुआ। इस बीच रेलवे लाइन के ऊपर स्टील ब्रिज रखा जाना था। यह काम रेलवे द्वारा किया जाना था। रेलवे ने इस स्टील ब्रिज को रखने में सालभर से अधिक समय लगा दिया। इस बीच मेट्रो ने एम्स से एलिवेटेड कारिडोर बनाने का काम जारी रखा। स्टील ब्रिज रखने के बाद एलिवेटेड कारिडोर से ब्रिज को जोड़ा गया।

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2022 से लेकर 2025 तक कई बार तय हुई समय सीमा

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने की सबसे पहली समय सीमा 2022 थी। फिर 2023 तक यह काम पूरा होना था, लेकिन नहीं हुआ। इसके बाद अप्रैल-मई 2024 डेडलाइन तय हुई। तब भी काम पूरा नहीं हुआ। इसके बाद अक्टूबर 2024 हुई। फिर 2025 जुलाई को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मेट्रो का ट्रायल रन किया। तब अक्टूबर में मेट्रो को शुरू करने की बात कही गई। फाइनली 20 दिसंबर 2025 को मेट्रो का लोकार्पण किया जा रहा है।



भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का पहला वर्क आर्डर 2018 में हुआ था। कई बाधाओं को पार करते हुए आखिरकार भोपाल मेट्रो का लोकार्पण आज होने जा रहा है। प्रोजेक्ट को अप्रैल 2025 तक पूरा करना था। हम प्रोजेक्ट को पूरा करने में छह महीने लेट हुए हैं।
-एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो कारपोरेशन

आठ मेट्रो स्टेशन और उनके शॉर्टकट नाम

सुभाष नगर मेट्रो डिपो - एसबीएनजी
केंद्रीय विद्यालय - केवीडीवाय
बोर्ड आफिस चौराहा - बीओसी
एमपी नगर - एमपीएनआर
रानी कमलापति - आरकेएमपी
डीआरएम ऑफिस - डीआरएमओ
अलकापुरी - एएलकेआर
एम्स - एआईआइएमएस

ऑरेंज लाइन - 16.74 किमी
एम्स से करोंद चौराहा
ब्लू लाइन - 14.21 किमी
भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा
आइए जाने अपनी मेट्रो के बारे में

30.95 किलोमीटर कुल लंबाई
प्रायोरिटी कारिडोर, एम्स से सुभाष नगर तक
7.5 किलोमीटर का प्रायोरिटी करिडोर
08 मेट्रो स्टेशन

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सीएमआरएस ने तीन बार की जांच

कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कारिडोर (सुभाष नगर से एम्स) की तीन बार जांच की। जिसमें नवंबर 2025 में 12 से 15 तारीख तक अंतिम निरीक्षण किया। जिसमें डिपो, ट्रैक, सिग्नलिंग, ट्रेन और सभी स्टेशनों की बारीकी से जांच की गई और इसके बाद कमर्शियल संचालन के लिए ओके टू रन रिपोर्ट (ग्रीन सिग्नल) दे दिया है।
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