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ग्रेप-4 की पाबंदियों की उड़ रहीं धज्जियां, वसुंधरा में ग्रीन बेल्ट पर कोयला जलाकर फैलाया जा रहा प्रदूषण

LHC0088 2025-12-20 03:37:22 views 746
  

वसुंधरा में जल रहा कोयल। सौ. सुधी पाठक



जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। ग्रेप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) का चौथा चरण की पाबंदियों के बाद भी भट्टियों में कोयला जलाया जा रहा है। वसुंधरा के विभिन्न सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट व सड़कों के किनारे ठेली लगाकर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इन ठेलियों पर खाद्य सामग्री बनाने के लिए कोयला जलाया जा रहा है। इससे प्रदूषण फेल रहा है। स्थानीय लोगों ने एक्स पर फोटो के साथ पोस्ट करते हुए इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व नगर निगम से की है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

एनसीआर इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की मार झेल रहा है। हालात को काबू में करने के लिए ग्रेप-चार लागू कर बीएस-चार से नीचे वाले वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। कोयला जलाने पर रोक है। सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने के कड़े आदेश हैं। इसके बाद भी वसुंधरा के कई सेक्टर में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वसुंधरा सेक्टर-13 की ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण कर ठेली लगाई गई हैं।

इनमें खाना बनाने के लिए कोयला जलाया जा रहा है। ये स्थिति केवल इस सेक्टर की नहीं है, बल्कि सेक्टर 18 ,16 ,15, 12, 10, नौ, पांच व दो-ए में भी यही स्थिति है। यहां सड़कों के किनारे सांसों की बगिया उजाड़कर (ग्रीन बेल्ट) पर अतिक्रमण कर खुलेआम कोयला जलाया जा रहा है। इससे घना धुआं वातावरण में फैलकर स्थानीय निवासियों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है। समाजसेवी अमित किशोर ने कहा कि लगातार धुएं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दमा व सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जब एक ओर आम जनता पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर इस तरह के खुले प्रदूषण स्रोतों पर कार्रवाई न होना प्रदूषण बोर्ड व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
लोनी व वसुंधरा के प्रदूषण मापक यंत्र बंद

शुक्रवार को लोनी व वसुंधरा में लगे प्रदूषण मापक यंत्र बंद रहे। इसके बाद भी गाजियाबाद देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। पहले नंबर पर नोएडा 410 एक्यूआइ और दिल्ली 374 एक्यूआइ के साथ दूसरे नंबर पर रही। गाजियाबाद का एक्यूआइ 358 दर्ज किया गया। हवा की गति के साथ एक्यूआइ में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिल रही है। इंदिरापुरम का एक्यूआइ 351 व संजय नगर का 366 दर्ज किया गया।


“औचक निरीक्षण कर कोयला जलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीम को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।“

-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।


यह भी पढ़ें- गाजियाबाद के कॉलेजों में सीसीएसयू उड़ाका दल का औचक निरीक्षण, परीक्षा केंद्रों पर नियमों की अनदेखी मिली
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