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Silver Price: भावों में रिकॉर्ड बना चुकी चांदी, पायल और बिछुओं को भी नहीं मिल रहे अब खरीदार

Chikheang 2025-12-20 03:07:48 views 516
  

Silver Price: सांकेतिक तस्वीर।  



जागरण संवाददाता, आगरा। चांदी ने अपने ही पुराने सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। प्रतिदिन मूल्य वृद्धि हो रही है और मूल्य आल टाइम हाई पहुंच रहे हैं। वैश्विक अस्थिरत, निवेश और औद्योगिक विकास के कारण रफ्तार ऐसी है कि अब आगामी वर्ष में इसकी तीन लाख की रफ्तार मानी जा रही है। शुक्रवार को एमसीएक्स पर 1450 रुपये की गिरावट आई फिर भी मूल्य 204850 थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

वहीं हाजिर में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ ही मूल्य पुराने सभी रिकार्ड तोड़ 200800 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए। इससे बाजार में पायल, बिछुओं की खरीद और उपहार में देने के लिए चांदी के सिक्कों की मांग घट गई है।  

चांदी के मूल्यों में वृद्धि के कारण इसके निवेशकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। कई देशों के सेंट्रल बैंक भी इसमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और चांदी का औद्योगिक क्षेत्र मेंं बढ़ता प्रयोग भी इसका बड़ा कारण हैं। बढ़ते मूल्यों के कारण बाजार में मांग घटी है।

सहालग में लोगों ने आवश्कता के अनुसार खरीद की, जबकि उपहार के लिए चांदी के सिक्कों की मांग पर 40 से 50 प्रतिशत की कमी आई है। दीनदयाल आनंद कुमार सराफ के स्वामी दीपांशु अग्रवाल ने बताया कि बाजार में मांग घटी है। लोग सिक्कों के थाल सजवाते थे, या मयूर सहित दूसरी डिजायनों में 11, 21, 51 101 तक सिक्के लगवाए जाते थे। काम पूरी तरह ही प्रभावित हो गया है।

आभूषण ज्वेलर्स के निदेशक आनंद प्रकाश का कहना है कि चांदी के निवेशकों की संख्या में वृद्धि और औद्योगिक प्रयोग मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है। दिसंबर में सवा दो लाख मूल्य पहुंचने का आंकलन है, जबकि आगामी वर्ष में ये तीन लाख होने की रफ्तार के लिए दौड़ लगाएगी। बाजार में तो इससे भी अधिक के कयास लगाए जा रहे हैं।

चांदी कारोबारी एवं आगरा सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष नितेश अग्रवाल का कहना है कि मूल्य ने बाजार की मांग को घटा दिया है। कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। अभी मूल्य रफ्तार पकड़े हुए हैं।

आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रज मोहन रैपुरिया का कहना है कि बाजार में मांग तो आधी भी नहीं बची है। निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मूल्य लगातार बढ़ते हुए ही दिखाई दे रहे हैं। हमारा बाजार सहालग पर भी निर्भर करता है। इस पर भी मांग कम रही है। अब बाजार संक्रात के बाद उठने की उम्मीद जताई जा रही है।

  
एक महीने में हाजिर में बढ़े 40 हजार, MCX पर 50 हजार

धनतेरस से पहले मामूली बाजार टूटा था, जिससे बाजार में खरीदारों की भीड़ उमउ़ी थी। 20 नवंबर के बाद 1.60 लाख रुपये हाजिर में और एमसीएक्स पर 1.55 लाख रुपये मूल्य से फिर से बाजार सक्रिय हुआ था। दो तीन बाद फिर से बाजार ने रफ्तार पकड़ी थी और वृद्धि होती चली गई। एक महीने में हाजिर में 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम और 50 हजार रुपये प्रति किलोग्राम एमसीएक्स पर वृद्धि हुई है।
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