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यूपी की सब्जी से लेकर गुजरात के डेयरी प्रोडक्ट तक... ओमान के बाजार में आसानी से मिल सकेंगी ये चीजें

Chikheang 2025-12-20 03:07:16 views 1023
  

ओमान में यूपी की सब्जी और डेयरी उत्पाद निर्यात होंगे



राजीव कुमार, नई दिल्ली। खाड़ी देश ओमान के बाजार में अब उत्तर प्रदेश की हरी सब्जी से लेकर गुजरात के डेयरी उत्पाद का आसानी से निर्यात हो सकेगा। शुक्रवार को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि ओमान की डेयरी ने गुजरात स्थित अमूल डेयरी के साथ साझेदारी करने में दिलचस्पी दिखाई है जिससे अमूल डेयरी के उत्पाद ओमान में आसानी से बिक सकेंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दोनों देशों के बीच गुरुवार को कंप्रेहेंसिव इकोनामिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीपा) किया गया है जिसके तहत अब भारतीय कृषि व अन्य खाद्य वस्तुओं से लेकर विभिन्न प्रकार के आइटम पर अब ओमान के बाजार में कोई शुल्क नहीं लगेगा। पहले यह शुल्क 5-100 प्रतिशत तक था। हालांकि सीपा पर अमल का कोई निश्चित समय तय नहीं किया गया है।
ओमान में यूपी की सब्जी और डेयरी उत्पाद निर्यात होंगे

इस बारे में गोयल ने बताया कि ओमान ने वर्ष 2006 में अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया था जिस पर वर्ष 2009 में अमल हुआ, लेकिन भारत के साथ किए गए समझौते पर अमल को लेकर हमने ओमान से बात की है और अगले तीन महीने में इस पर अमल होने की संभावना है।

ओमान के साथ एफटीए से अब उत्तर प्रदेश के किसान यूएई की तरह अपनी सब्जी को ओमान में भी भेज सकेंगे। ओमान सालाना छह अरब डालर के कृषि आइटम व अन्य खाद्य पदार्थों का आयात करता है।
भारतीय कृषि उत्पादों पर ओमान में कोई शुल्क नहीं

अभी भारत की हिस्सेदारी इस आयात में 10 प्रतिशत से भी कम है। वैसे ही ओमान जेम्स व ज्वैलरी का सालाना 1.07 अरब डालर का आयात करता है और इसमें भारत की हिस्सेदारी 30 करोड़ डालर की है। इलेक्ट्रानिक्स आइटम का ओमान सालाना 3.0 अरब डालर का आयात करता है जबकि भारत की हिस्सेदारी इसमें सिर्फ 12.3 करोड़ डालर की है।

उसी प्रकार ओमान हर साल 3.13 अरब डालर के केमिकल का आयात करता है और इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 16 करोड़ डालर की है। इन सभी आइटम के निर्यात पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा जिससे ओमान के बाजार में इन वस्तुओं का निर्यात बढ़ाने का पूरा मौका है।

भारत और ओमान के बीच गत वित्त वर्ष में 10.6 अरब डालर का कारोबार हुआ था जिसमें ओमान ने छह अरब डालर से अधिक का निर्यात किया था जबकि भारत का निर्यात 4.3 अरब डालर का था।

गोयल ने बताया कि ओमान के पास भूमि काफी उपलब्ध है, इसलिए भारतीय उद्यमी वहां ग्रीन एनर्जी और बैट्री स्टोरेज से जुड़ी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगा सकते हैं। भारतीय उद्यमियों की यूनिट में भारतीयों के अलावा सिर्फ ओमान के नागरिक ही काम कर सकेंगे। इस छूट की मंजूरी से उन फैक्ट्री में भी भारतीय लोगों को काम करने का मौका मिलेगा।
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