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ED ने ASL के दो पूर्व निदेशकों समेत तीन पर अभियोजन शिकायत दाखिल की, केनरा बैंक कंसोर्टियम को लगी 1391 करोड़ की चपत

LHC0088 2025-12-20 00:08:07 views 640
  

प्रतीकात्मक तस्वीर।



गौरव सिंगला, नया गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में एलाइड स्टिप्स लिमिटेड (एएसएल) के दो पूर्व निदेशक गौरव अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल तथा एंट्री आपरेटर जगदीश प्रसाद गुप्ता के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत 15 दिसंबर को दाखिल की गई।
ईडी के अनुसार एलाइड स्टिप्स लिमिटेड इस्पात उत्पादों के निर्माण का कार्य करती थी और वर्ष 2018 में कंपनी को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल किया गया था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बाद में एनसीएलएटी ने मई 2022 में 233.71 करोड़ रुपये की स्वीकृत समाधान योजना के तहत जीपी ग्लोबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को सफल समाधान आवेदक घोषित किया। ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा 5 मार्च 2022 को दर्ज एफआइआर के आधार पर शुरू की। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों, प्रवर्तकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों ने मिलकर धन की हेराफेरी और आपराधिक गबन किया, जिससे केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को 1391.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जांच में ईडी ने पाया कि कंपनी ने बैंक खातों से कई कंपनियों को अग्रिम राशि के रूप में भुगतान कर धन का हस्तांतरण किया। इन अग्रिमों की वसूली के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया, क्योंकि यह धन बाहर निकालने का एक माध्यम था।

आरोप है कि इसके बदले कंपनी को नकद राशि मिली, जिसे कोलकाता स्थित एक एंट्री आपरेटर की मदद से अकामोडेशन एंट्री के जरिए फिर से कंपनी में लाया गया और इसका इस्तेमाल अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया, जिन कंपनियों को राशि भेजी गई, उनमें यूरेकस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सनसिटी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जुबिलेंट माल्स प्राइवेट लिमिटेड, क्रेटोस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, एचएनएस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एचएनएस इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

इन कंपनियों को कुल 48.68 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। ईडी ने इस मामले में सनसिटी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और यूरेकस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी 44.09 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। अब तक इस मामले में कुल 45.51 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।

यह भी पढ़ें- ईडी ने रामप्रस्थ ग्रुप की 80 करोड़ की संपत्ति की कुर्क, फ्लैट खरीदारों से 1100 करोड़ जुटाकर हेराफेरी करने का आरोप
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