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बिहार पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण का नया फार्मूला, गांव की राजनीति में उबाल

deltin33 2025-12-19 19:13:03 views 591
  

Gram Panchayat Election 2026: बिहार में पंचायत चुनाव दिसंबर 2026 से पहले संपन्न होने हैं। फाइल फोटो  



डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Bihar Panchayat Chunav Update: राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है कि बिहार में अगला पंचायत चुनाव चुनाव दिसंबर 2026 से पहले कराए जाएंगे। इससे पहले पंचायतों में सभी पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण नए सिरे से किया जाएगा, ताकि संवैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन हो सके। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

आयोग की ओर से इस तरह की घोषणा किए जाने के बाद से मुजफ्फरपुर समेत सूबे के सभी ग्राम पंचायतों में राजनीतिक हलचल तेज हो गया है। जो पद अब तक महिलाओं के लिए आरक्षित था उसके सामान्य होने की संभावना है।
दो चुनाव के बाद बदलाव

उसी तरह की स्थिति जाति आधारित आरक्षण में भी होनी है। दो क्रमिक चुनाव के बाद ऐसा होता ही है। इससे पहले 2016 में ऐसा हुआ था। गांव के लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि अगले चुनाव में किसका पद जाने वाला है और किसका नहीं।



आरक्षण की नई व्यवस्था लागू होने के बाद राजनीतिक सत्ता को अपने पास बरकरार रखने के लिए कौन क्या सियासी दांव चलने वाला है? किसे अपना मसोस कर रह जाना होगा? कौन अपना नया उत्तराधिकारी उतारेगा?
नए सिरे से तय होगा आरक्षण

आयोग ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के विभिन्न पदों पर आरक्षण का निर्धारण बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धाराओं के तहत किया जाएगा। इसमें मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और ग्राम कचहरी से जुड़े पद शामिल हैं।
2016 की आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं

आयोग ने यह भी कहा है कि वर्ष 2016 में लागू आरक्षण व्यवस्था को सीधे तौर पर लागू नहीं किया जाएगा। पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक चुनाव से पहले आरक्षण का निर्धारण आवश्यक है। इसी प्रक्रिया के तहत पंचायत आम निर्वाचन 2026 से पहले आरक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा।
प्रशासनिक तैयारियां शुरू

राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि पंचायत आम निर्वाचन 2026 शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जा सके।
जनगणना और न्यायालय के निर्देशों का होगा पालन

आरक्षण तय करने में उपलब्ध जनगणना के आंकड़ों के साथ-साथ न्यायालयों के निर्देशों का भी पालन किया जाएगा। आयोग का कहना है कि किसी भी वर्ग के अधिकारों से समझौता नहीं होगा और सभी को समान अवसर देने का प्रयास रहेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिया है कि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी, ताकि पंचायत चुनाव दिसंबर 2026 से पहले शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराए जा सकें।
राज्य सरकार करेगी निर्धारित

आयोग के अनुसार पंचायत आम निर्वाचन 2026 में मतदाता सूची का आधार वही होगा, जिसे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इसी मतदाता सूची के आधार पर ग्राम पंचायत मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और ग्राम कचहरी सरपंच एवं पंच के चुनाव कराए जाएंगे।

बिहार में अभी-अभी विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ है और अब पंचायत चुनाव की तैयार शुरू होते ही इसको लेकर गांवों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। यह क्रम आरक्षण फाइनल होने तक जारी रहेगा। सबकी नजर आरक्षण रोस्टर पर है।
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