cy520520 • 2025-12-19 03:37:37 • views 559
नई चयन नीति में राष्ट्रीय शिविरों में भाग लेना अनिवार्य (फोटो - सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ ने नई चयन नीति लागू की है जिसके तहत राष्ट्रीय चयन के लिए राष्ट्रीय शिविरों में भागीदारी अनिवार्य है हालांकि व्यक्तिगत अभ्यास कर रहे पहलवानों को इससे छूट रहेगी।
इसके साथ ही ओलिंपिक खेलों में कोटा जीतने वाले पहलवानों को एक दौर के अंतिम चयन ट्रायल में भाग लेना होगा। डब्ल्यूएफआइ की आम परिषद की हाल ही में अहमदाबाद में हुई बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गई। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
नई चयन नीति में राष्ट्रीय शिविरों में भाग लेना अनिवार्य
इसे फीडबैक और समीक्षा लिए भारतीय खेल प्राधिकरण को भी दिया गया है ।नीति में कहा गया है कि राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में भागीदारी सभी पहलवानों के लिए अनिवार्य होगी जिसमे एलीट और दिग्गज पहलवान शामिल हैं। शिविर में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतना जरूरी है।
एक बार चुने जाने पर पहलवानों को राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास करना होगा। किसी को दूसरे किसी स्थान पर व्यक्तिगत अभ्यास की अनुमति नहीं होगी। इसका अर्थ है कि हाल ही में संन्यास से वापसी का फैसला लेने वाली विनेश फोगाट को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिये घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
व्यक्तिगत अभ्यास करने वाले पहलवानों को छूट दी जाएगी
नीति में स्पष्ट है कि शिविर में भाग नहीं लेने पर पहलवान चयन ट्रायल में भाग नहीं ले सकेंगे। नीति में रिजर्व पहलवान रखने का भी प्रविधान है जो चयनित पहलवान के चोटिल होने पर खेल सकेंगे।
इसमे यह भी स्पष्ट किया गया है कि चयन ट्रायल में पिछला प्रदर्शन ध्यान नहीं रखा जाएगा। नीति में यह भी कहा गया है कि ओलिंपिक, एशियाई खेलों, उपमहाद्वीपीय चैंपियनशिप और विश्व चैंपियनशिप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ट्रायल अनिवार्य होंगे।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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