cy520520 • 2025-12-18 19:37:45 • views 1231
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
संवाद सहयोगी, दाउदपुर/मांझी (सारण)। बिहार को उत्तर प्रदेश से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ने वाले जय प्रभा सेतु के नीचे गुरुवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सरयू नदी की रेत पर पॉलीथिन में पैक एक जोड़ा शव पड़ा हुआ पाया गया। शवों की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसी बीच सूचना पाकर यूपी के चांद दीयर पुलिस चौकी की टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर नदी की बालू में दफना दिया।
हालांकि, शवों की पहचान नहीं हो सकी। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इस घटना को अस्पताल माफिया से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यूपी और बिहार के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान मृत लावारिस मरीजों के अंतिम संस्कार के लिए सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराई जाती है।
लेकिन इस राशि को बचाने के लालच में कुछ अस्पतालों द्वारा लावारिस शवों का विधिवत अंतिम संस्कार न कर रात के अंधेरे में एंबुलेंस से शवों को नदियों में फेंक दिया जाता है।
लोगों के अनुसार कोरोना काल के दौरान शुरू हुई यह अमानवीय परंपरा अब भी जारी है। स्थानीय निवासियों ने नदी में लगातार शव प्रवाहित किए जाने से प्रदूषण और संक्रमण फैलने की आशंका जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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