deltin33 • 2025-12-18 18:37:14 • views 740
संवाद सूत्र, धौरहरा (लखीमपुर)। बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में उपभोक्ताओं की रुचि निराशाजनक है। एक दिसंबर से लागू योजना में विभाग के लाख हाथ पांव मारने के बाद चौथाई पंजीकरण भी नहीं हो पाए हैं। यह हाल तब है जब विभाग 31 दिसंबर तक सरचार्ज में शत प्रतिशत छूट के साथ मूलधन में भी 25 प्रतिशत की छूट दे रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
धौरहरा उपखंड के नगर क्षेत्र में ओटीएस के लिए 1862 पात्र उपभोक्ता हैं, जिनमें 16 दिसंबर तक मात्र 250 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसी तरह खमरिया पंडित बेल्तुआ क्षेत्र में चयनित 14828 पात्र उपभोक्ताओं में 560 ओटीएस के लिए पंजीकृत हुए हैं। धौरहरा ग्रामीण क्षेत्र के ओटीएस में चयनित 15212 उपभोक्ताओं में महज 520 ने पंजीकरण कराया है। आंकड़ों को देखें तो योजना में पहले चरण के 15 दिनों में 31902 चयनित उपभोक्ताओं में से केवल 1330 ने रुचि दिखाई है।
एक अरब में वसूल हुए 50 लाख
बिजली विभाग का चिठ्ठा देखने से पता चलता है कि धौरहरा नगर में सिर्फ ओटीएस में चयनित उपभोक्ताओं पर चार करोड़ 14 लाख बकाया है। धौरहरा ग्रामीण क्षेत्र और खमरिया पंडित बेल्तुआ में यह बकाया क्रमश: 44 करोड़ 89 लाख और 50 करोड़ 44 लाख है। यह कुल बकाया 99 करोड़ 47 लाख बनता है। इसके सापेक्ष 15 दिन में ओटीएस के 1330 पंजीकरण से विभाग को मात्र 50 लाख चार हजार रुपया ही मिला है।
चोरी के मामलों में भी निराशा
धौरहरा उपखंड के तीनों स्टेशन पर बिजली चोरी के दर्ज किए गए 137 मामले भी ओटीएस में चयनित हैं। इनके लिए भी योजना में भारी रियायत की व्यवस्था है। इसके बाद भी अभी तक केवल पांच लोगों ने योजना में पंजीकरण कराया है।
यह बाढ़ और अन्य दैवीय आपदाओं से घिरा हुआ क्षेत्र है। लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। यह बड़ी वजह है कि भरपूर प्रचार प्रसार और प्रोत्साहन के बावजूद लोग ओटीएस के लिए नहीं आ रहे। प्रयास किये जा रहे हैं। -देवेंद्र कुमार, एसडीओ धौरहरा। |
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