जागरण संवाददाता, बलिया। जनपद में ठंड का असर दो दिनों से कम है। सुबह में कोहरा रह रहा है, लेकिन 10.30 बजे धूप निकलने से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। दिन में तेज धूप होने से मटर की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
अब किसानों का उत्पादन भी निकलने लगा है, लेकिन रह-रह कर तेज धूप होने पर उनकी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बैरिया क्षेत्र के किसान अशोक सिंह ने बताया कि शीतलहर होने पर मटर को फायदा होता है। तेज धूप होने पर नुकसान हो सकता है। पौधे जल्द सूखने लगते हैं और उत्पादन भी प्रभावित होता है।
बैरिया के ही किसान चंद्रदेव यादव ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए भी ठंड जरूरी है, नहीं जो कीट प्रभावी हो जाते हैं। धूप के कारण फसल की सिंचाई कम अवधि में करनी पड़ती है। मौसम विज्ञान केंद्र केंद्र मिड्ढ़ा के प्रभारी डा. सुरेश सिंह ने बताया कि अभी धूप निकलेगी लेकिन दो दिन बाद गलन बढ़ जाएगी।
पछुआ हवा बहने से कोहरे का असर कम दिखेगा और तापमान में भी गिरावट आ जाएगी। सोमवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अभी अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। इंटरनेट पर प्रदर्शित एयर क्वालिटी इंडेक्स 151 पर पहुंच गया है।
यानी प्रदूषण भी बढ़ गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. पंकज कुमार ने बताया कि अभी दो तरह का मौसम हो रहा है। दिन में धूप और रात में ज्यादा ठंड होने से एलर्जी की शिकायत वाले मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
ठंड को लेकर प्रशासन की तैयारी भी धीमी
ठंड को लेकर जिला प्रशासन की तैयारी भी धीमी है। अभी तहसीलों में सरकारी कंबल का वितरण शुरू नहीं हुआ है। नगरीय निकायों में अलाव या अस्थाई रैन बसेरा का निर्माण नहीं कराया गया है।
इससे राहगीरों को दिक्कत हो रही है। नगरपालिका बलिया में भी अभी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी स्तर से अभी अलाव के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। |
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