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Bihar: मनचलों की अब खैर नहीं; अभया ब्र‍िगेड संभालने जा रही कमान, एक खास रज‍िस्‍टर में दर्ज होगा नाम

LHC0088 2025-12-6 01:08:10 views 1240
  

पुलिस मुख्‍यालय ने जारी किया आदेश।  



राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Crime: राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में स्कूल-काॅलेज, हाॅस्टल, कोचिंग, मुख्य बाजार, धार्मिक स्थल, पार्क, रेलवे स्टेशन आदि स्थलों पर ऐसे हाॅट-स्पाॅट चिह्नित किए जाएंगे जहां छेड़खानी की शिकायतें अकसर मिलती हैं।

इन जगहों पर निगरानी रखने के लिए सभी जिलों में थाना स्तर पर अभया ब्रिगेड का गठन करने का निर्देश दिया गया है। सभी थानों में अभया बिग्रेड होगी जो स्कूटी से इन हाट स्पाट के आसपास गश्ती करेगी।
पुल‍िस मुख्‍यालय ने जारी किया आदेश

पुलिस मुख्यालय ने इस बाबत सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी किया है। अभया ब्रिगेड के प्रत्येक दल की प्रभारी एक महिला दारोगा होगी, जिसके साथ एक महिला और दो पुरुष सिपाही की टीम होगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

छेड़खानी से जुड़े मामले में थाना स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) पर भी जिम्मेदारी तय होगी।

दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस ब्रिगेड के कार्यों की समय-समय पर संबंधित जिले के एसपी निरंतर समीक्षा करेंगे।

इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई भी करेंगे। एसपी प्रत्येक महीने की 15 तारीख तक इस दल के प्रदर्शन से संबंधित एक्शन टेकन रिपोर्ट सीआइडी में एसपी (कमजोर वर्ग) को सुपुर्द करेंगे।  
दोबारा पकड़े जाने पर गुंडा रजिस्टर में दर्ज होगा नाम

अभया ब्रिगेड सभी थानों के चुने गए हाट स्पाट के आसपास वर्दी और सादे लिबास में तैनात रहेगी जो महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों (शोहदों) की पहचान कर विधि-सम्मत कार्रवाई करेगी।

यदि कोई शोहदा दो या दो से अधिक बार छेड़खानी के आरोप में पकड़ा जाता है, तो उसका नाम गुंडा पंजी के ईव-टीजर शीर्ष के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा।

छेड़खानी के आरोप में पकड़े गए नाबालिगों की काउंसलिंग कराई जाएगी। बार-बार एक ही नाबालिग के पकड़े जाने पर सनहा दर्ज कर सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आरोपित को किशोर न्याय पर्षद के सुपुर्द किया जाएगा।

ब्रिगेड के सदस्य स्कूल-कालेज के प्राचार्य या शिक्षकों, महिला छात्रावास के वार्डन, कोचिंग संचालक समेत अन्य से संपर्क कर भी ऐसे स्थानों की पहचान करेंगे।

महिला या बच्चियों से भी शिक्षण संस्थानों में जाकर सीधा संपर्क स्थापित करेंगे। सभी को आपात स्थिति में डायल-112 का प्रयोग करने की सलाह भी दी जाएगी।
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